ट्रंप ने एआई का नाम बदलकर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ करने का दिया आदेश

वाशिंगटन, 30 सितंबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर संघीय सरकार के आधिकारिक संचार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (एसआई) शब्द इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।
आदेश में कहा गया है कि ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द तेजी से विकसित हो रही इस तकनीक की क्षमताओं को बेहतर ढंग से दर्शाता है, जो मानव बुद्धिमत्ता के अलग-अलग पहलुओं की नकल या स्वचालन से कहीं आगे बढ़ रही है।

श्री ट्रंप ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “यह कृत्रिम नहीं है, हम सभी इस बात पर सहमत हैं।”
कार्यकारी आदेश के तहत सभी संघीय एजेंसियों को सार्वजनिक संचार, वेबसाइट, रिपोर्ट और नीति दस्तावेजों में ‘सुपर इंटेलिजेंस’ या ‘एसआई’ का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय के निदेशक माइकल क्राट्सियोस यह तय करेंगे कि नये शब्द की आधिकारिक परिभाषा में बदलाव या विस्तार की आवश्यकता है या नहीं। ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द पहले से एआई के उस संभावित रूप के लिए इस्तेमाल होता है, जिसकी संज्ञानात्मक क्षमताएं सोच के लगभग सभी क्षेत्रों में मानव क्षमता से अधिक हों। ऐसी सुपरइंटेलिजेंट एआई अभी विकसित नहीं हुई है।

यह नाम बदलने का कदम ट्रंप द्वारा पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस शब्द का इस्तेमाल शुरू करने के बाद आया है। उन्होंने एआई उद्योग पर अधिक नियमन की मांगों का विरोध करते हुए कहा था कि प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने मॉडलों के लिए उचित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेंगी।

यह बहस ऐसे समय चल रही है, जब एआई से रोजगार पर असर और कुछ एआई एजेंटों द्वारा सरकारी वेबसाइटों तक अनधिकृत पहुंच तथा साइबर हमलों की घटनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने एआई पर एक ‘नैतिक रूप से बाध्यकारी’ संविधान पर हस्ताक्षर किये।

इसमें कंपनियों से स्वतंत्र बाहरी ऑडिटर के साथ मिलकर अपने मॉडलों के अपेक्षित तरीके से काम करने का आकलन कराने और अनधिकृत सिस्टम हैकिंग रोकने के लिए आंतरिक नियंत्रण लागू करने को कहा गया है। इन नियंत्रणों की निगरानी एक टीम करेगी, जिसकी देखरेख कंपनी के निदेशक मंडल की एक स्वतंत्र समिति करेगी। श्री ट्रंप ने कहा है कि वह एआई के विकास को धीमा नहीं करेंगे और इस क्षेत्र में अमेरिकी बढ़त बनाये रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

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