सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की चमक पड़ी फीकी, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक दबाव के बीच कीमतों में आई भारी गिरावट

नई दिल्ली, पश्चिमी एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। बॉन्ड यील्ड में उछाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे भी बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण सोने की चमक फीकी पड़ रही है। पिछले तीन दिनों के भीतर 24 कैरट वाला 10 ग्राम सोना 3,890 रुपये और 22 कैरट वाला सोना 3,560 रुपये तक सस्ता हो चुका है। इसके साथ ही औद्योगिक मांग में सुस्ती के चलते मंगलवार को चांदी की कीमतों में भी 100 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख महानगरों में चांदी 2,39,900 रुपये प्रति किलो पर पहुंची, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई का खतरा

ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में आज एक किलो चांदी 2,39,900 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मंडराते महंगाई के खतरे और मजबूत होते डॉलर के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी पर दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं मिलने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के महंगाई पर फोकस बनाए रखने के बयानों से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की अटकलें तेज हो गई हैं।

क्रेडिट-डेबिट और वैश्विक कारकों का सर्राफा बाजार पर असर, आगे भी उतार-चढ़ाव रहने की पूरी संभावना

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के चलते सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, त्योहारी सीजन की आहट के बीच घरेलू बाजार में ग्राहकों कीि नजरें लगातार इन कीमतों पर टिकी हुई हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक सर्राफा बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा।

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