जबलपुर: क्राइम ब्रांच एवं बरगी पुलिस ने संयुक्त रूप से आठ जुलाई को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की थी। इस रेड कार्रवाई को फर्जी बताते हुए कार्रवाई से मना करने वाले सब इंस्पेक्टर पर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने एक्शन लेते हुए तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं।
दरअसल आठ जुलाई को क्राईम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी रेल्वे स्टेशन बरगी तिराहा खिरका मोहल्ला में 2 युवक पिठ्ठू बैगों में काफी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा रखकर बेचने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना पर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्यवाही के लिए क्राईम ब्रांच एवं बरगी थाना पुलिस की जब संयुक्त टीम बनाई जा रहा थी, तभी सब इंस्पेक्टर प्रेमलाल भवेदी ने रेड कार्रवाई को फर्जी बताते हुए कार्रवाई करने से मना कर दिया था, थाना प्रभारी जितेन्द्र पाटकर पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा था, हालांकि बाद में टीम गठित हुई जिसमें प्रेमलाल नहीं थे। क्राइम ब्रांच और बरगी पुलिस की संयुक्त टीम ने रेल्वे स्टेशन बरगी तिराहा खिरका मोहल्ला में दबिश देते हुए राज सोनकर पिता नरसिंह सोनकर 24 वर्ष एवं रविकांत जाटव पिता चरण सिंह 19 वर्ष दोनों निवासी हनुमानताल को घेराबंदी कर दबोचा था जिनके कब्जे से मिले पिठ्ठू बैग में 12 किलो 16 ग्राम गांजा कीमती 2 लाख 40 हजार रूपये का मिला था।
बरगी थाना प्रभारी जितेन्द्र पाटकर ने बताया कि गांजा तस्करी की सूचना पर सब इंस्पेक्टर ने कार्रवाई करने से मना किया था। कार्रवाई को फर्जी बताया था जबकि पुलिस ने न केवल कार्रवाई बल्कि तस्करो को पकडऩे के साथ गांजा जब्त किया। सब इंस्पेक्टर को पुलिस अधीक्षक ने लाइन अटैच कर दिया है। अनुशासनहीनता के कारण विभागीय कार्रवाही की गई। जांच के बाद सस्पेंड की कार्रवाई होगी। मामले में जांच प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक को भेजा जा रहा है।
