सतना: किसानों की आर्थिक उन्नति को गति देने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत ज़िले के 17 किसानों ने इस बार अपनी निजी भूमि में 18,500 बांस के पौधे रोप कर अनुदान राशि का लाभ लिया
राष्ट्रीय बाँस मिशन के तहत पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक उन्नति को गति देने के लिए एक सरकार द्वारा बाँस की खेती के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई उसी का नतीज़ा रहा है की पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष जिले के 17 प्रगतिशील किसानों ने अपनी निजी भूमि पर कुल 18,500 बाँस के पौधे लगाकर राष्ट्रीय बाँस मिशन की योजना से लाभान्वित हुए जब की पिछले वर्ष 15 किसानों ने सात हजार बांस की रोपाई की थी, बदलते वक़्त के साथ बंजर भूमि, खेतों में खाली पड़ी मेड़ों से अतिरिक्त एवं बाजार में बढ़ती बांस की मांग ने किसानों के लिए बाँस की खेती एक बेहतर विकल्प है इस योजना में सरकार द्वारा किस्तों के माध्यम से प्रत्येक बांस के पौध तैयार किए जाने को लेकर 150 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है बाँस का पौधरोपण न केवल क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाएगा, बल्कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ एक टिकाऊ और दीर्घकालिक आय का साधन भी उपलब्ध कराएगा
राष्ट्रीय बाँस मिशन के प्रमुख उद्देश्य
राष्ट्रीय बाँस मिशन का मुख्य लक्ष्य देश में बाँस क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देना है इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ निजी कृषि योग्य या बंजर भूमि पर बाँस की खेती भी कर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं इस समय बांस आधारित कई उद्योग धंधे हैं जिनमें बाँस के कच्चे माल की डिमांड बढ़ी है ऐसे में यह किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प है।
राष्ट्रीय बाँस मिशन के तहत किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सतना जिले के किसानों द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य किसानों को भी बांस की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर विकल्प है पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बांस की रोपाई का दायरा बढ़ा है किसान बांस की खेती पर रुचि ले रहे हैं – मयंक चाँदीवाल (डीएफओ,सतना
