सतना : जिले के उचेहरा क्षेत्र में बरुआ नदी में लापता हुए व्यक्ति का शव घटना के 4 दिन बाद बरामद तो कर लिया गया. लेकिन इस मामले में तब हद दर्जे की संवेदनहीनता देखने को मिली. जब शव को नगर परिषद के कचरा वाहन में लादकर स्वास्थ्य केंद्र की मर्चुरी में पहुंचाया गया.जिले के उचेहरा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्र. 6 निवासी 47 वर्षीय अजय शुक्ला शनिवार को वार्ड क्र. 8 निवासी राहुल ताम्रकार उर्फ शिकंजा के साथ सन्यासी गौहल्ला के घाट पर 26 सितंबर को गए थे. दोनों लोग घाट पर बैठे हुए थे कि अजय ने अचानक नदी में छलांग लगा दी. अजय को नदी में तैरता देख राहुल भी पानी में कूद गए.
कुछ दूर जाने के बाद राहुल वापस लौट आए. लेकिन नौगजा बाबा की पुलिया तक दिखने के बाद अजय अचानक गायब हो गए. चूंकि अजय तैरना जानते थे इसलिए परिजनों को लग रहा था कि संभवत: वे वापस आ जाएंगे. लेकिन जब वे वापस नहीं लौटे तो अजय के भाई रजनीश शुक्ला द्वारा रविवार को घटना की लिखित सूचना उचेहरा थाने में दी गई. मामले का काबिलेगौर पहलू यह भी रहा कि जिस दिन उचेहरा थाने को लिखित शिकायत मिली उस दिन वह हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. सोमवार को जब एसडीआरएफ की टीम उचेहरा पहुंची तो पुलिस ने भी साथ में अपनी उपस्थिति दिखानी शुरु कर दी.
हलांकि सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने दिन भर बरुआ नदी में सर्चिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली. लिहाजा मंगलवार की सुबह एक बार फिर से सर्चिंग अभियान शुरु किया गया. जब एसडीआरएफ की टीम ने खोजबीन का दायरा बढ़ाया तो घटनास्थल से लगभग 1 किमी दूर साईं मंदिर के निकट नदी किनारे पेड़ की जड़ों के बीच अजय का शव फंसा नजर आया. लिहाजा टीम द्वारा शव के पैर में रस्सी बांधकर मोटरबोट के जरिए नदी किनारे ले आया गया. नदी के पानी में 4 दिन पड़े रहने के कारण शव से काफी दुर्गंध आने लगी थी.
नप-सीएचसी दोनों के हाथ खाली
शव को नदी किनारे रखने के कुछ देर बाद नगर परिषद उचेहरा का एक कचरा वाहन वहां पहुंच गया. जिसमें शव को लादकर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी की मर्चुरी में पहुंचाया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव, परिजनों को सौंप दिया गया. जिसे लेकर वे निजी वाहन के जरिए अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज की ओर निकल गए. वहीं शव को कचरा वाहन में लादकर ले जाए जाने की शर्मसार कर देने वाली घटना पर जिम्मेदारों द्वारा न सिर्फ चुप्पी साध ली गई बल्कि उसे छिपाने का प्रयास भी किया जाने लगा. पूछे जाने पर वही पुराना रटा-रटाया जवाब सामने आया कि नगर परिषद और सीचएसी दोनों ही स्थानों पर शव वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
