सतना: कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हडक़ंप मच गया, जब अपनी समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज एक 53 वर्षीय व्यक्ति ने सल्फास की गोली खाने का प्रयास किया। अचानक हुई इस घटना से जनसुनवाई स्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस जवानों ने तत्काल व्यक्ति को रोक लिया और समझाइश देते हुए उसकी समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाया।
पीडि़त की पहचान जसो निवासी लखनलाल कुशवाहा के रूप में हुई है। लखनलाल का आरोप है कि उसके भाइयों ने उसकी पैतृक जमीन का बंटवारा कर लिया और उसे उसके हिस्से की जमीन से वंचित कर दिया। उसके अनुसार पिता दशरथ के निधन के बाद करीब 0.75 एकड़ पैतृक जमीन उसके साथ चार भाइयों और एक बहन के नाम वारिसाना दर्ज हुई थी। आरोप है कि बाद में उसके भाइयों ने उसकी जानकारी के बिना उक्त जमीन गांव के लालेन्द्र कोटेदार को बेच दी। लखनलाल का कहना है कि जमीन बेचने के बाद उसे उसकी हिस्सेदारी की राशि में से एक पैसा भी नहीं दिया गया।
लखनलाल के अनुसार उसके पिता ने भाइयों के रहने के लिए अलग से करीब १५ विश्वा और ४ विश्वा जमीन दी थी। वहीं उसकी बहन संखी बाई के आगे-पीछे कोई नहीं होने के कारण पिता ने उसके रहने और भरण-पोषण के लिए गांव में करीब ६ विश्वा जमीन उसके नाम की थी। पिता ने यह भी कहा था कि जो व्यक्ति संखी बाई की देखभाल करेगा, उसकी मृत्यु के बाद उक्त जमीन उसी के नाम की जाएगी। लखनलाल का कहना है कि इसी वजह से वह अपनी बहन के साथ रहकर उसकी देखभाल करता रहा। लखनलाल की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिलने की बात सामने आई है। बताया गया कि नोट में उसने अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता जताई है।
भाइयों ने किया छल
लखनलाल के मुताबिक बहन संखी बाई की मृत्यु के बाद उसके भाइयों ने कथित तौर पर उस जमीन में भी अपना नाम दर्ज करा लिया। उसका आरोप है कि भाइयों ने उसे भरोसे में लेकर करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत की उसकी बकरियां भी बिकवा दीं। उससे कहा गया था कि बहन की जमीन से उसका नाम हटवाकर जमीन उसके नाम कर दी जाएगी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ।
