संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है कांग्रेसः ईरानी

नयी दिल्ली 29 सितंबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति इरानी ने कांग्रेस नेतृत्व पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

श्रीमती ईरानी ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी की ओर से जारी बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 13 करोड़ 30 लाख नामों पर चुनाव आयोग स्पष्टीकरण दे चुका है तथा डुप्लीकेट और मृत व्यक्तियों के नामों की जांच के लिए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) दस्तावेज एकत्र करेंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने की बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक में भी चुनाव आयोग पर प्रश्न उठा रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि वर्ष 2019 में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि को खराब करने का भरसक प्रयास करेंगे। श्री मोदी ने बार-बार कहा कि उन पर कटाक्ष करें, उन पर हमला करें, लेकिन कांग्रेस का यह हमला संवैधानिक संस्थाओं और भारत के लोकतंत्र पर हमले में तब्दील न हो, लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व भारत की संवैधानिक व्यवस्थाओं को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। आज कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व ने यह कहा कि चुनाव आयोग को प्रश्नों के दायरे में लाने के लिए उनके कार्यकर्ताओं का महिमामंडन उनकी व्यवस्थाओं के माध्यम से हुआ।

उन्होंने कहा, “एक नागरिक होने के नाते मैं कहना चाहती हूं कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करता है और भारत के लोकतंत्र का मान है, जिसे विश्व के कई देशों ने सराहा है और कई देशों ने हमारी व्यवस्थाओं का सम्मान किया है।”

श्रीमती ईरानी ने कहा कि कांग्रेस को यह दुख है कि आज लोकतांत्रिक ढांचे में भारत की जनता उनका समर्थन नहीं करती। इसलिए अब प्रश्न यह उठता है कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक, जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकारें नहीं हैं, क्या उन प्रदेशों में कांग्रेस का नेतृत्व चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे रहा है? या उन प्रदेशों में भी चुनाव आयोग की गतिविधियों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है?

श्रीमती स्मृति इरानी ने कहा, “मैं स्तब्ध हूं कि कांग्रेस के नेतृत्व ने लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का उल्लेख किया। कांग्रेस इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है, तो कांग्रेस को वह पन्ना भी पलटकर देश की जनता के सामने प्रस्तुत करना चाहिए, जिसके अंतर्गत ब्रिटिश साम्राज्य के सचिव (राजस्व, कृषि और वाणिज्य) रहे ए. ओ. ह्यूम ने वायसराय के साथ अपना यह सुझाव साझा दिया था कि अगर ब्रिटिश साम्राज्य का संरक्षण करना है, तो कांग्रेस का गठन होना चाहिए। यह सबूत ऐतिहासिक दस्तावेज़ है।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्य के संरक्षण के लिए जिस कांग्रेस को बनाया गया, वह कांग्रेस आज भारत के चुनाव आयोग पर लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का उल्लेख करके हमला कर रही है। इससे ज्यादा शर्मनाक बात कोई नहीं हो सकती।

 

 

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