
भोपाल। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी डॉ. मुकेश नायक ने सवाल उठाया है कि मध्यप्रदेश के खनिज संसाधनों का प्रसंस्करण और उनसे तैयार उत्पादों का निर्माण राज्य के भीतर ही क्यों नहीं किया जा रहा, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
नायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर नवभारत में प्रकाशित एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश खनिज संसाधनों से समृद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश में खनिज उत्पादन का मूल्य करीब 3,854 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और रोजगार सृजन के लिए उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करती है।
डॉ. नायक ने सवाल किया कि जिन क्षेत्रों से खनिज निकाले जाते हैं, उनके आसपास ही प्रसंस्करण और विनिर्माण इकाइयां क्यों स्थापित नहीं की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कच्चे खनिजों को प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए प्रदेश से बाहर भेजा जाता है, तो रोजगार के अवसरों के साथ आर्थिक गतिविधियों का एक बड़ा हिस्सा भी अन्य राज्यों को प्राप्त होगा।
उन्होंने सवाल उठाया, “खनिज मध्यप्रदेश के हों और मुनाफा दूसरे राज्यों को क्यों मिले?” उन्होंने स्थानीय समुदायों और प्रदेश के युवाओं को मिलने वाले लाभ पर भी सवाल खड़े किए।
नायक ने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि खनिज संसाधनों का केवल दोहन किया जाएगा या उनके उपयोग से स्थानीय विकास, रोजगार और प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।
