सिंगरौली : जैसे-जैसे बारिश थम रही है, नेशनल हाईवे-39 के कार्य में थोड़ी-बहुत गति दिखने लगी है। खाखन नदी पर निर्माणाधीन पुलिया का कार्य भी गति पकड़ रही है। हालांकि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि कितने साल में सीधी-सिंगरौली मार्ग बन कर पूर्ण होगी।गौरतलब है कि सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे-39 के निर्माण कार्य पहली आधारशीला वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देवसर में रखा था। उस दौरान पॉच साल के अंदर सड़क बनाने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई थी। लेकिन सड़क निर्माण एजेंसी गैमन इंडिया की लापरवाही से सड़क भ्रष्टाचार की भेट चढ़ जाने से कार्य आधा-अधूरा ही हो पाया और 2020-21 में गैमन इंडिया लिमिटेड कंपनी को केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के द्वारा ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया गया।
इसके बाद फिर से टेंडर हुआ, लेकिन दूसरी संविदा कंपनी केबीसीएल भी कार्य को पूर्ण नही कर पाई और तीसरी बार केसीसी कंपनी को कार्य मिला है। इसकी लागत करीबन 343 करोड़ रूपये है। 24 महीने के अंदर कार्य पूर्ण करने की तिथि मुक्कर्र की गई है। बताया जा रहा है कि सड़क का देखरेख एनएचएआई कर रही है और अब धीरे-धीरे कार्य शुरू भी है। डिवाइडर के साथ-साथ जगह-जगह घाट कटिंग और खाखन नदी पर पुल पर मिट्टी फिलिंग का का कार्य तेज कर दिया गया है। हालांकि चार दिन के बारिश ने सड़क के कार्य में खलल जरूर डाली है। लेकिन रविवार से मौसम साफ हुआ है और एनएचएआई के द्वारा दावा किया जा रहा है कि बारिश थमते ही कार्य में तेजी आएगी। फिलहाल सड़क निर्माण पूर्ण करने के लिए 24 महीने का वक्त एनएचएआई को मिला है। अब देखना है कि पूर्व की तरह फिर से एनएच-39 का कार्य आधा-अधूरा न रह जाए। अभी इसपर कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी।
बारिश में कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त
सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे-39 निर्माणाधीन फोर लेन सड़क में फिर से कई जगह गड्ढे हो गये हैं। बारिश के चलते सड़क कुछ जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई है। हालांकि इसके पहले करीब 7 करोड़ रूपये की लागत से सीधी-सिंगरौली का मरम्मत कार्य एमपीआरडीसी के ठेकेदार के द्वारा कराया गया था, लेकिन फिर से सड़क जगह-जगह टूटने लगी है। बरगवां में ओव्हर ब्रिज के पास सड़क हादसे को संकेत दे रही है। आलम यह है कि यहां पर सड़क गड्ढे के रूप में परिवर्तित हो गई है। वाहन चालको ने एनएचएआई का ध्यान आकृष्ट कराया है।
