नयी दिल्ली, 28 सितंबर (वार्ता) दिल्ली विश्वविद्यालय ने उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली में दो छात्राओं के साथ बदसलूकी के मामले में विधि संकाय के तीन छात्रों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके विश्वविद्यालय परिसर में आने पर रोक लगा दी है।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि नमन, अभिनव कुमार और अभिमन्यु कुमार नाम के इन छात्रों को तब निलंबित किया गया जब दिल्ली पुलिस ने 23 सितंबर को मुखर्जी नगर में हुई एक घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की।
प्राथमिकी के मुताबिक एसयूवी में सवार कुछ लोगों ने रविवार की रात करीब 9.30 बजे इलाके में दो छात्राओं का पीछा किया तथा उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें गाड़ी में खींचने की कोशिश की। पीड़ित छात्रा में से एक ने बाद में सोशल मीडिया पर साझा किये एक वीडियो में घटना के बारे में बताया। उसने कहा कि वह और उसकी सहेली विजय नगर हकीकत पार्क घूमने के बाद मुखर्जी नगर के पास टहल रही थीं, तभी वे लोग उनके पास आए और उनके लुक पर टिप्पणी की।
छात्रा ने आरोप लगाया कि एसयूवी चला रहे नमन ने उसकी लाल टी-शर्ट की तारीफ की, जिस पर ‘अर्बन माइंडसेट’ लिखा था। उसने कहा कि जब उसने और उसकी सहेली ने इस व्यवहार पर आपत्ति जतायी और उन लोगों से जाने के लिए कहा, तो उन्होंने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी और गाड़ी से उनका पीछा किया। आरोप है कि उन लोगों ने महिलाओं को कार में खींचने की कोशिश की और वहां से तभी भागे जब महिलाओं में से एक की सहेली ने घटना को रिकॉर्ड करने के लिए अपना फोन निकाला।
निलंबन के आदेश प्रॉक्टर कार्यालय ने 28 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम, 1922 के अध्यादेश 15-बी के क्लॉज 3(ई) के तहत जारी किये। इस प्रावधान के तहत महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार या बातचीत को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाता है।
नोटिस के अनुसार निलंबन और विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर रोक को सक्षम अधिकारी ने मंजूरी दी थी। विधि केंद्र-2, उमंग भवन में एलएलबी कार्यक्रम में नामांकित ये तीनों छात्र अगले आदेश तक दिल्ली विश्वविद्यालय के किसी भी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। गौरतलब है कि दो छात्राओं का पीछा करने और उत्पीड़न के मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है।
