नयी दिल्ली 28 सितंबर (वार्ता) भारत और फिजी ने सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा, साइबर प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि दोनों देशों के बीच यहां हुई दूसरी द्विपक्षीय संयुक्त कार्य समूह की बैठक में सशस्त्र बलों के बीच संस्थागत सहयोग मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, तीनों सेनाओं के बीच संपर्क, समुद्री सुरक्षा, साइबर प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग में सहयोग समेत आपसी हित के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने बढ़ते रक्षा संबंधों पर संतोष जताते हुए आपसी लाभ वाले क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत ने मुक्त, खुले, समावेशी और सुरक्षित हिंद-प्रशांत की अपनी सोच में फिजी और प्रशांत द्वीप देशों के महत्व को दोहराया।
बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और फिजी के रक्षा एवं पूर्व सैनिक मामलों के स्थायी सचिव मेसन स्मिथ ने की। श्री स्मिथ ने बैठक से इतर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से भी मुलाकात की। दोनों के बीच द्विपक्षीय रक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत करने के साथ रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
विशेष सैन्य प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने के तहत फिजी का प्रतिनिधिमंडल 29 और 30 सितंबर को कोच्चि का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल दक्षिणी नौसेना कमान की सुविधाओं का निरीक्षण करेगा। इसका उद्देश्य उन्नत नौसैनिक प्रशिक्षण और पेशेवर विमानन प्रशिक्षण मॉड्यूल के लिए सहयोग को औपचारिक रूप देना है।
आधिकारिक वार्ता से पहले श्री स्मिथ ने यहां राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। फिजी के प्रतिनिधिमंडल ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित डीपीएसयू भवन का भी दौरा किया, जहां उसे भारत की स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमताओं की जानकारी दी गयी। दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और सहयोग के नये क्षेत्रों की पहचान करने पर सहमति जतायी। दोनों पक्षों ने नियमित संपर्क बनाए रखने और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहरायी।
