
‘संघर्ष’ और ‘समर्पण’ की ‘मिसाल’, ‘शिक्षा’ के साथ ‘खेल’ में ‘चमके’, ‘युवाओं’ के लिए ‘बने प्रेरणास्रोत’!
कामारेड्डी, 02 अगस्त 2025: रतलाम के एक एमबीए ग्रेजुएट ने अपनी असाधारण प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर मार्शल आर्ट की दुनिया में छह स्वर्ण पदक जीतकर शहर का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शिक्षा के साथ-साथ खेल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। उनकी यह संघर्ष भरी कहानी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
इस प्रतिभाशाली युवा ने अपनी शिक्षा पूरी करने के साथ-साथ मार्शल आर्ट का भी जारी रखा। उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से विभिन्न मार्शल आर्ट स्पर्धाओं में भाग लिया और एक के बाद एक छह गोल्ड मेडल अपने नाम किए। उनकी इस सफलता के पीछे कई वर्षों का अथक प्रयास, गुरुओं का मार्गदर्शन और परिवार का अटूट समर्थन रहा है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहे। उनकी कहानी यह सिखाती है कि यदि व्यक्ति में जुनून और दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। अब वे अन्य युवाओं को भी मार्शल आर्ट के लिए प्रेरित कर रहे हैं और उन्हें सफलता के मंत्र सिखा रहे हैं।
