अगस्त और सितंबर में बागली क्षेत्र में औसत प्रति दो दिन में एक मोत का आंकड़ा चौंकाने वाला है

बागली। 1 अगस्त से 28 सितंबर तक बागली नगर क्षेत्र और आसपास ग्राम पंचायत क्षेत्र में कुल 32 लोगों की समय से पहले मौत की जानकारी चौंकाने वाली है ।अकेले बागली नगर परिषद सीमा में 18 लोगों की मौत होना बहुत ही चिंताजनक है। मुक्तिधाम सेवा समिति से जुड़े राजकुमार चावढ़ा एवं राजेश तंवर ने बताया कि 1 अगस्त के बाद से बागली मुक्तिधाम शमशान में चीता की अग्नि शांत नहीं हो रही अधिकतर मामले 40 से 60 वर्ष के बीच के रहे इस प्रकार ग्राम पंचायत बेहरी में 2 महीने में सात लोगों की दुखद मृत्यु के समाचार मिले चापड़ा छतरपुरा नयापुरा कमलापुर जटाशंकर रामपुरा सेवनीया बरझाइ से भी हार्ट अटैक के मामले सामने आए सोमवार 28 सितंबर को बागली नगर के गांधी कॉलोनी निवासी मिलनसार व्यक्ति 50 वर्षीय नारायण माली का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया। गनीमत यह रही की बीते दो माह में सर्प दंश करंट लगने से एवं डूबने से होने वाली मृत्यु नहीं के बराबर हुई हालांकि मोटर साइकिल दुर्घटना में पांच लोगों की जान बीते दो महीने में गई लेकिन यह मोते भी होना बहुत चिंता का विषय है। विद्वान पंडितों का कहना है ,श्राद्ध पक्ष में यह संख्या और भी बढ़ सकती है।

दूसरी ओर चिकित्सक क्षेत्र से जुड़े डॉ हेमंत पटेल डॉक्टर अमित नागर डॉ कुलदीप उदावत ने बताया कि हार्ट अटैक के मामले बढ़ने के पीछे अनुचित खान-पान और बिगड़ी दिनचर्या है लोग प्रॉपर रूप से आराम नहीं कर रहे हैं। साथ में जिन लोगों को ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाई चल रही है ,वह भी नियमित नहीं लेते हैं । यह कारण भी सामने आ रहा है। बागली मुक्तिधाम सेवा समिति से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं ।कि मौत का सिलसिला सर्व समाज में है। मुस्लिम समाज सिख समाज और हिंदू समाज सभी में दुखद घटनाएं सामने आ रही है 28 तारीख को माली समाज के युवक नारायण माली की मौत की जानकारी लगी इसी दिन बागली नगर के पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दिवंगत गुरु वचन सिंह भाटिया की भाभी एवं बलजीत सिंह भाटिया की धर्मपत्नी (सिख समाज) की मौत भी 28 सितंबर को ही इंदौर में बताई जा रही है। बागली मुक्तिधाम सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके पास आधिकारिक 19 लोगों की सूची है जिनकी विगत 2 महीने में मौत हुई

उनकी समिति भूतेश्वर महादेव से प्रार्थना करती है । कि बागली क्षेत्र के लोगों के जीवन की रक्षा भगवान महाकाल स्वयं करें फिर भी सनातन परंपरा अनुसार सभी परिजन अपने घरों में श्राद्ध पक्ष के दौरान महा मृत्युंजय मंत्र का जाप भी करते रहे क्योंकि मारने वाला भी भगवान है और बचाने वाला भी भगवान ही है।

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