उज्जैन: नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत संपत्तिकर और जलकर है, इसलिए इनकी वसूली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब इसको लेकर अभियान शुरू होगा.नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने राजस्व वसूली को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बड़े बकायादारों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाए. संपत्तिकर और जलकर के बड़े बकायादारों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल सूचना पत्र जारी किए जाएं और यदि बार-बार नोटिस देने के बावजूद कर जमा नहीं किया जाता है, तो ऐसे मामलों में कुर्की की कार्रवाई की जाए.
राजस्व अमले को निर्देशित किया गया कि बकायादारों की अद्यतन सूची तैयार कर नियमित रूप से फॉलोअप किया जाए और वसूली की गति बढ़ाई जाए. बैठक में अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, संदीप शिवा, पुनित शुक्ला, उपायुक्त योगेंद्र पटेल, मनोज मौर्य, संजेश गुप्ता, सहायक आयुक्त राघवेन्द्र सिंह पालिया, प्रफुल्ल गठरे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
9 में को नेशनल लोक अदालत
आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने विशेष अभियान चलेगा. लोक अदालत से पहले घर-घर जाकर बकायादारों से संपर्क किया जाएगा. टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक मामलों का मौके पर ही निराकरण हो सके.
नोटिस जारी होंगे
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जलकर के बकायादारों को भी नोटिस जारी कर समयबद्ध तरीके से वसूली की जाए. जिन उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से जलकर जमा नहीं किया गया है, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
त्वरित निराकरण करें
आयुक्त ने अधिकारियों को कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाया जाए. साथ ही, सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा में एल-1 स्तर पर ही उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतों का अनावश्यक लंबित रहना रोका जा सके.
समन्वय से काम
बकौल आयुक्त सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें. कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें
