
चितरंगी । जिले में पिछले 72 घंटे तक रूक-रूक कर हुई बारिश के बाद चितरंगी तहसील क्षेत्र के सोन नदी तराई अंचल में बाढ़ का खतरा मड़रा रहा है। बीती रात से ही सोन-गोपद नदी उफान पर है। आलम यह है कि गढ़वा थाना क्षेत्र के चितावल सोन नदी पर बने पुल में बाढ़ का पानी छुने लगा है। वहीं गढ़वा पुलिस लगातार सोन नदी के किनारे भ्रमण का ग्रामीणों को नदी के किनारे न जाने के लिए लाउड स्पीकर से अपील कर रही है।
दरअसल यहां बताते चले कि जिले में करीब 72 घंटे तक रूक-रूक कर बारिश हुई, इसके बाद देवलोंद के बाणसागर के सभी गेट खोल दिये जाने के बाद सोन एवं गोपद नदी में बाढ़ जैसे हालात बने हुये हैं। चितरंगी तहसील क्षेत्र के खैरपुर, बीछी, खैरा, फुलकेश, हरमा, माची, गांगी, चिकनी, खटाई समेत अन्य सोन नदी के किनारे गांवों में बाढ़ का खतरा मड़रा रहा है। आज दिन रविवार को दोपहर से ही सोन नदी के चितावल पुल को सोन-गोपद नदी में बाढ़ का पानी छू रहा था, जहां पुलिस लगातार लोगों को सावधान रहने की हिदायत दे रहे थे। गढ़वा थाना प्रभारी निरीक्षक विद्यावारिधि तिवारी के साथ-साथ आरक्षक अजीत उपाध्याय, जितेन्द्र तिवारी, अमित कुमार समेत अन्य पुलिस कर्मी बीती मध्य रात से ही सोन नदी के किनारे गांवों में घुमकर लोगों को बाढ़ के समय नदी के आसपास न जाने के लिए अपील कर रहे हैं। इधर नदी के बाढ़ के पानी से बीछी, खैरा, खैरपुर के कई खेतो में बाढ़ का पानी जमा होने से खरीफ फसल मक्का, तिल, उड़द, अरहर, मूंग समेत अन्य फसलो का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
