भोपाल: मास्टर प्लान 2047 का ड्राफ्ट जारी हो गया है। करीब 45 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस प्लान में आने वाले दो दशकों के लिए शहर के विकास की दिशा तय करने की कोशिश की गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है—रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों को लेकर व्यापारियों की मांग का क्या होगा?
मास्टर प्लान 2047 में भोपाल के भविष्य को ध्यान में रखते हुए घर, सड़क, पानी, सीवरेज, स्कूल, अस्पताल और रोजगार जैसी जरूरतों के लिए प्लानिंग की गई है।
लेकिन पिछले कई महीनों से रिहायशी इलाकों में चल रही दुकानों और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के बीच व्यापारियों की नजर इस ड्राफ्ट पर है।
इसी मुद्दे को लेकर हमने वकील और चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष से भी उनकी राय जानी।
कई सालों से अटका मास्टर प्लान अब जमीनी हकीकत बनने वाला है लेकिन अब सवाल यही है—क्या मास्टर प्लान 2047 रिहायशी इलाकों में कमर्शियल यूज को लेकर चल रहे विवाद का समाधान दे पाएगा? या फिर व्यापारियों को एक बार फिर निराश होना होगा।
