
धामनोद। पुराने बस स्टैंड से फूडी चौराहे तक की जर्जर सड़क अब नगर की सबसे गंभीर जनसमस्याओं में शामिल हो चुकी है। सड़क निर्माण के लिए ठेका आवंटित होने की चर्चाओं के बावजूद मौके पर काम शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक पंचीलाल मेड़ा धरने पर बैठ गए और प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर सड़क निर्माण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है, वहीं दूसरी ओर सीवरेज परियोजना भी अधूरी पड़ी हुई है। लोगों का आरोप है कि कार्य में देरी को लेकर संबंधित एजेंसियां और विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आते हैं, जबकि इसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
नगर के इस प्रमुख मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और अधूरे निर्माण कार्य के कारण आवागमन जोखिमभरा बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया है। व्यापारी, छात्र, वाहन चालक और राहगीर लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं।
धरना स्थल पर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा ने कहा कि जनता को लंबे समय से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि सड़क की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। उन्होंने मांग की कि सड़क निर्माण और सीवरेज कार्य की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए तथा काम शुरू करने की स्पष्ट समय-सीमा घोषित की जाए।
दिनभर चले धरने के बाद देर शाम मनावर एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा की और सीवरेज देखेदार से चर्चा कर पूर्व विधायक मेड़ा को आश्वस्त किया कि आगामी दस दिनों के भीतर सीवरेज कार्य पूर्ण करवाकर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से मिले इस भरोसे के बाद पूर्व विधायक पंचीलाल मेड़ा ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
हालांकि अब नगरवासियों की निगाहें प्रशासन के इस आश्वासन पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि सड़क और सीवरेज के अधूरे कार्यों के कारण वे वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं, इसलिए इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए।
