नई दिल्ली / मुंबई, उद्योगपति अनिल अंबानी के समूह वाली प्रमुख कंपनी रिलायंस पावर (Reliance Power) से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। कंपनी के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे सचिन महापात्रा ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। 25 सितंबर 2026 से प्रभावी हुए इस त्यागपत्र की आधिकारिक जानकारी कंपनी द्वारा शेयर बाजारों को भेज दी गई है। अपने इस्तीफे में सचिन महापात्रा ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह से व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों के चलते लिया है और इसके पीछे अन्य कोई दूसरा मुख्य कारण नहीं है।
वित्तीय चुनौतियों और बाजार के दबाव के बीच हुआ यह घटनाक्रम, पिछले एक साल में शेयरों में आई है भारी गिरावट
यह इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है जब रिलायंस पावर लगातार विभिन्न वित्तीय और बाजारगत चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी के शेयरों में लंबे समय से बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जिसके चलते पिछले एक साल में इसके शेयरों में 50 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की चुकी है। वहीं चालू वर्ष 2026 के दौरान भी कंपनी का शेयर 40 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। ऐसे चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बीच बोर्ड से सचिन महापात्रा का अलग होना निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
कंपनी के प्रबंधन और भविष्य की रणनीतियों पर पड़ सकता है असर, निवेशकों की टिकी हैं निगाहें
रिलायंस पावर के बोर्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सचिन महापात्रा के जाने के बाद कंपनी के आगामी कॉर्पोरेट घटनाक्रमों और प्रशासनिक फेरबदल पर निवेशकों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि उन्होंने बोर्ड और मैनेजमेंट को अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कंपनी की भविष्य की सफलता की कामना की है। बाजार जानकारों का मानना है कि इस इस्तीफे के बाद कंपनी प्रबंधन को आगामी बोर्ड बैठकों में नए बदलावों और रणनीतियों पर विचार करना पड़ सकता है ताकि बढ़ते बाजार के दबाव के बीच कंपनी की स्थिति को और अधिक मजबूत किया जा सके।

