जबलपुर: हाईकोर्ट प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने 5 दशक पुराने और मूल्यवान पेड़ों की कथित अवैध कटाई से संबंधित याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि वह मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत कर सकता है।याचिकाकर्ता श्रीमति रश्मिबाई की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि ग्राम पार्टला जिला जबलपुर के खसरा नंबर 924 में लगे 50 पेड़ों को उसकी जानकारी, सहमति व अनुमति के बिना काटे जाने को चुनौती दी गयी थी।
याचिका में कहा गया था कि कथित पेड़ कटाई के संबंध में थाना बरेला और पुलिस अधीक्षक, जबलपुर को शिकायतें दी गईं। इसके बावजूद भी पुलिस के द्वारा एफआईआर दर्ज नही की गयी। अवैध रूप से पेड काटना मध्य प्रदेश वृक्षों के परिरक्षण संबंधी कानून और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध है। राज्य सरकार की तरफ से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं तो याचिकाकर्ता के पास मजिस्ट्रेट के समक्ष कानूनी उपाय उपलब्ध है।
एकलपीठ ने कहा है कि एफआईआर दर्ज नही होने की स्थिति में पहले संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के समक्ष शिकायत और उसके बाद आवश्यकता होने पर मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन का रास्ता उपलब्ध है। याचिकाकर्ता के पास मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत करने के वैधानिक उपाय मौजूद हैं । मजिस्ट्रेट को एफआईआर दर्ज कराने तथा उचित जांच के निर्देश देने की शक्ति प्राप्त है। याचिकाकर्ता ने उपलब्ध वैकल्पिक और प्रभावी कानूनी उपाय अपनाए बिना सीधे हाईकोर्ट का रुख किया है। इसलिए इस स्तर पर याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती।
