नयी दिल्ली, (वार्ता) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में एसएफआई और डीवाईएफआई के विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग करने से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनाव आयोग के कामकाज में सुधार की मांगों को दबाया नहीं जा सकता।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में श्री बेबी ने कहा कि वे इस विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की “कड़े शब्दों में निंदा करते हैं”। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने, मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण रद्द करने और चुनाव आयोग में सुधारों की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
माकपा नेता ने कहा, ” मोदी और अमित शाह अगर यह सोचते हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर बर्बर बल प्रयोग करने से तथा जन प्रतिनिधियों को सड़कों पर घसीटने से लोकतांत्रिक विरोध की आवाज बंद हो जाएगी, तो वे गलतफहमी में हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने के लिए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनों पर कार्रवाई करने और असहमति की आवाज को दबाने से वे नहीं बच पाएंगे।
