संयुक्त राष्ट्र (न्यूयॉर्क), (वार्ता) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत के साथ 2025 में हुए संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के “समय पर किए गए हस्तक्षेप” का श्रेय दिया और उनका आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने एक बार फिर पारंपरिक रुख अपनाते हुए कश्मीर मुद्दा उठाया और सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने पर चिंता जताई।
अपने लगभग 23 मिनट के भाषण में श्री शरीफ ने कहा कि दक्षिण एशिया को फिर से संघर्ष के मुहाने पर जाने से रोकने के लिए कश्मीर मुद्दे का एक न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान आवश्यक है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के “दृढ़ और दूरदर्शी नेतृत्व” की सराहना करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप ने दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बचाई, जिसके लिए पाकिस्तान हमेशा उनका आभारी रहेगा। उनका आशय भारत के ऑपरेशन सिंदूर के समय की गई कार्रवाई से था। श्री शरीफ ने भारत के सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
गौरतलब है कि भारत ने कूटनीतिक कदमों के तहत सिंधु जल संधि को तब तक के लिए स्थगित कर दिया है जब तक कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाता।
इसके अलावा, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने के अपने प्रयासों का जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तान ने वाशिंगटन और तेहरान को इस्लामाबाद में एक मंच पर लाकर शांति की दिशा में कदम बढ़ाए।
