यमुनानगर, 24 सितंबर (वार्ता) हरियाणा के यमुनानगर में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार शाम बैंक कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन एसबीआई, एसएमई शाखा, संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल के सामने किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व एआईपीएनबीओए करनाल के अध्यक्ष विकास शर्मा करियाही ने किया। इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यूनियन नेताओं ने बताया कि मई 2015 में हुए समझौते में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और बैंक प्रबंधनों द्वारा सहमति बनी थी कि प्रारंभ में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक अवकाश रहेगा और शेष शनिवारों को पूरे दिन कार्य होगा। साथ ही आश्वासन दिया गया था कि यथासमय सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने का प्रयास किया जाएगा।
मार्च 2024 में हुए समझौते में आईबीए और बैंक प्रबंधन शेष शनिवारों को भी अवकाश घोषित करने पर सहमत हुए थे। यह समझौता अनुमोदन के लिए वित्त मंत्रालय, केन्द्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह मामला मंत्रालय के पास लंबित है।
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार, आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, नाबार्ड, निजी कंपनियों, शेयर बाजार, मुद्रा बाजार और विदेशी मुद्रा बाजार में पहले से ही 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बैंकिंग कार्य अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया है और उचित वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए यूएफबीयू की यह वैध मांग है कि शेष शनिवारों को भी अवकाश घोषित कर 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाये।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार बैठक के बाद भी सरकार 5 दिवसीय बैंकिंग शुरू करने पर कोई प्रतिबद्धता नहीं दे पाई, इसलिए हड़ताल टालने के लिए कोई समझौता नहीं हो सका। यह आंदोलन सरकार और प्रबंधनों की कार्रवाई के कारण यूनियनों पर थोपा गया है।
उन्होंने बताया कि हड़ताल पर जाने वाले बैंक कर्मियों को उस दिन का वेतन भी नहीं मिलता है, फिर भी अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है।
