
रीवा, शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय रीवा में सत्र 2026-27 के लिए जनभागीदारी समिति (सामान्य सभा, प्रबंध समिति एवं वित्त समिति) की पंचम बैठक कलेक्टर एवं जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के सचिव एवं प्राचार्य श्रीमती निशा पाण्डेय द्वारा संस्था संबंधित मुद्दे समिति के समक्ष रखे गए।
कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक में विधायक प्रतिनिधि श्री राजेश पांडेय, सांसद प्रतिनिधि, शिक्षाविद् प्रो. डॉ. गौतम, एस. बी. आई. बैंक मैनेजर प्रतिनिधि श्री विजय शर्मा, प्रो. डॉ गौरव गुप्ता, ईजी. हेमा सिंह, प्रो. आशीष कुमार पाण्डेय, श्री एस. के. सोंधिया, उद्योगपति श्री जे. एस. साहनी एवं श्री जयंत खन्ना, अभिवाभक सदस्य, भूतपूर्व छात्र, छात्र सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में महाविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं आधारभूत विकास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कुल 21 प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
बैठक में वर्ष 2025-26 की अनुमानित आय-व्यय की जानकारी सदस्यों को प्रदान कर अनुमोदन प्राप्त करने, विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, महाविद्यालय परिसर में इंटरनेट एवं नेटवर्क कनेक्शन तथा इलेक्ट्रिकल कार्यों के लिए आवश्यक व्यय की स्वीकृति, ग्रीष्मकालीन अवधि में प्राचार्य कक्ष एवं व्याख्याताओं के कक्षों में छात्र-छात्राओं के लिए एयर-कंडीशनर लगाए जाने संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए बाह्य विद्वानों को आमंत्रित कर एक-दो दिवसीय सेमिनार आयोजित करने, संस्था परिसर के लिए स्ट्रीट लाइट एवं ट्यूब लाइट की व्यवस्था, परिसर में गार्डन विकसित करने तथा विभिन्न भवनों एवं उपकरणों की मरम्मत संबंधी प्रस्तावों को भी अनुमोदित किया गया।
बैठक में महाविद्यालय के आवश्यक निर्माण एवं रखरखाव कार्यों के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित कार्यवाही, कर्मचारियों के उच्च अध्ययन अवकाश, संस्था के मुख्य द्वार पर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने, मुख्य द्वार पर लगे एल्यूमिनियम गेट के रिनोवेशन का अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में जनभागीदारी मद में उपलब्ध राशि के नियमानुसार उपयोग एवं समायोजन तथा जनभागीदारी खाते में उपलब्ध राशि की एफ.डी. कराने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
जनभागीदारी समिति के इन निर्णयों से महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधारभूत सुविधाओं एवं परिसर विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
