इंदौर: रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए रतलाम मंडल के चिकित्सा विभाग ने इंदौर सहित मंडल के प्रमुख रेलवे परिसरों में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच शुरू कर रखी है. एक माह में 152 बैक्टीरियोलॉजिकल सैंपल और 2800 रेसिडुअल क्लोरीन टेस्ट किए गए। इनमें 99.5 प्रतिशत से अधिक जांच परिणाम संतोषजनक पाए गए.
इंदौर रेलवे स्टेशन के अलावा उज्जैन, रतलाम, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, देवास, दाहोद, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी और डॉ. अंबेडकर नगर सहित अन्य रेलवे परिसरों में भी यह जांच की जा रही है. वाटर कूलर, नल और अन्य पेयजल प्वाइंट से नमूने लिए जा रहे हैं. रेलवे परिसरों में स्टॉलों पर उपलब्ध पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की गुणवत्ता भी जांची जा रही है. बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के जरिए पानी में हानिकारक सूक्ष्मजीवों की मौजूदगी का पता लगाया जाता है, जबकि रेसिडुअल क्लोरीन टेस्ट से पानी में आवश्यक क्लोरीन स्तर की निगरानी होती है.
जांच के साथ पानी की टंकियों, कूलरों, पाइपलाइनों और अन्य व्यवस्थाओं की साफ-सफाई भी देखी जा रही है. किसी स्थान का सैंपल निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने पर संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देकर सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है. इसके बाद दोबारा जांच कर पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है. मंडल का कहना है कि नियमित जांच का उद्देश्य इंदौर समेत सभी रेलवे परिसरों में यात्रियों और कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है
