अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे अरब देश तनाव बढ़ने से रोकने की कर रहे हैं कोशिश

न्यूयॉर्क, (वार्ता) अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे कई अरब देश दोनों पक्षों के संपर्क में हैं और यहां चल रही संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

बातचीत में शामिल एक क्षेत्रीय सूत्र के अनुसार यह संभावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब संघर्ष सातवें महीने में प्रवेश कर रहा है। खाड़ी देश इस टकराव को और बढ़ने से रोकने के लिए अमेरिका तथा ईरान के बीच बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न्यूयॉर्क में ईरानी प्रतिनिधियों से मिलने के लिए तैयार हैं, हालांकि अभी कोई बैठक तय नहीं हुई है।

श्री रुबियो ने कहा, “हम इसके लिए तैयार हैं। मुझे नहीं लगता कि अभी कुछ तय हुआ है, लेकिन हम निश्चित रूप से ऐसी किसी चीज़ के लिए तैयार हैं, खासकर अगर इससे कुछ सकारात्मक परिणाम निकलने की संभावना हो।”

उन्होंने कहा कि किसी भी बातचीत में अमेरिका की इस मांग पर बात होनी ही चाहिए कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न करे। उम्मीद है कि श्री ट्रंप इस युद्ध पर चर्चा करने के लिए नौ अरब देशों के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे।

सूत्रों का कहना है कि कई सरकारें उनसे तनाव कम करने और ईरान के साथ समझौता करने का आग्रह कर सकती हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मंगलवार सुबह न्यूयॉर्क में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी से मुलाकात की। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता में कतर ने अहम भूमिका निभाई है।

खबरों से यह भी पता चलता है कि ईरान ने बातचीत को फिर से शुरू करने के मकसद से मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका को प्रस्ताव भेजे हैं। श्री ट्रंप ने मंगलवार को महासभा में अपने भाषण में फिर कहा कि उन्हें एक बड़ा फ़ैसला लेना है कि ईरान के साथ समझौता किया जाए या इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म कर दिया जाए। उन्होंने फिर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नवंबर में अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद समझौता हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनावी बातों का ईरान पर उनके फ़ैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। श्री ट्रंप ने कहा, “हम इसे किसी न किसी तरह पूरा करेंगे। हम इसे पूरा करेंगे और तेज़ी से करेंगे।” उन्होंने कहा, “ईरान का समझौता न करना कोई समझदारी वाली बात नहीं है। वे यह देखने का इंतज़ार कर रहे हैं कि मध्यावधि चुनावों में मेरा प्रदर्शन कैसा रहता है। उन्हें यह एहसास नहीं है कि मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूँ… मैं ढाई साल तक यहाँ रहूँगा। ईरान के मामले में मैंने चुनाव को कोई अहमियत नहीं दी और न ही दूँगा।”

 

 

 

Next Post

बड़े शहरों में समन्वित वाणिज्य-उद्योग कार्यालय की स्थापना की योजना: गोयल

Wed Sep 23 , 2026
नयी दिल्ली, (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि उद्योग व्यवसाय की मदद के लिए हर जगह हर विभाग के अलग-अलग कार्यालय बनाने के बजाय, बड़े शहरों में ‘इंटीग्रेटेड कॉमर्स और इंडस्ट्री ऑफ़िस’ बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे कारोबारियों को कई विभागों […]

You May Like