फर्जी सिम कार्ड जारी करने वालों के खिलाफ केंद्रीय दूरसंचार विभाग सख्त

नई दिल्ली, केंद्रीय दूरसंचार विभाग ने मध्यप्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र के खुलासे के बाद फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करने के मामलों के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर कड़ी कार्रवाई और सख्त चेतावनी जारी की है.

भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रालय द्वारा उठाया गया यह बड़ा कदम दूरसंचार विभाग के मध्य प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण साइबर अपराध जांच और बड़े खुलासे के बाद सामने आया है. मध्य प्रदेश विंग की जांच में यह चौंकाने वाला मामला पकड़ा गया था कि छत्तीसगढ़ में एक प्वाइंट ऑफ सेल एजेंट ने आम लोगों की जानकारी और सहमति के बिना, उनके पहचान दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके 25 मोबाइल कनेक्शन अवैध रूप से सक्रिय कर दिए थे .

केंद्रीय दूरसंचार विभाग ने मध्य प्रदेश विंग के इस खुलासे को आधार बनाकर देश के सभी नागरिकों और टेलीकॉम एजेंटों के लिए सख्त हिदायत जारी की है. इस मामले में तुरंत कदम उठाते हुए संबंधित एजेंट को पहले ही ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और भविष्य में उसके सिम जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. केंद्रीय दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत फर्जी सिम जारी करना, पहचान का दुरुपयोग करना या आईएमईआई नंबरों से छेड़छाड़ करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है, जिसके लिए तीन वर्ष तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का भारी जुर्माना हो सकता है. सरकार ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने नाम के सिम कार्ड किसी और के साथ साझा या ट्रांसफर न करें, क्योंकि दुरुपयोग होने पर कानूनी जिम्मेदारी मूल ग्राहक की होगी. सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लोगों को आधिकारिक संचार साथी पोर्टल का उपयोग कर अपने नाम पर चल रहे कनेक्शनों की नियमित जांच करने और संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक करने की सलाह दी गई है.

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