इंदौर. प्रदेश के सबसे बड़े शहर के सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपए खर्च किया, लेकिन आज भी शहर में सीवरेज लाइन से होने वाली समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया, जिसके चलते आम नागरिक परेशान हैं और नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है.
नगर निगम की बड़ी लापरवाही खजराना क्षेत्र से सामने आई है. वार्ड क्रमांक 39 में मेजेस्टिक नगर और अली कॉलोनी को जोड़ने वाले मार्ग पर सीवरेज की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है. यहां चैंबर से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर इस तरह बहता नजर आता है, मानो बारिश का पानी जमा हो. पड़ताल में सामने आया कि क्षेत्र की सीवरेज लाइन काफी पुरानी और क्षतिग्रस्त हो चुकी है. आसपास की बड़ी कॉलोनियों का भार इस छोटी सीवरेज लाइन पर आने से लाइन पर लगातार दबाव बना रहता है. नतीजा यह कि लाइन बार-बार चौक होती है और चैंबर से गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है.
गंदगी के कारण सड़क पर बदबू, मच्छर-मक्खियों और अन्य जंतुओं का प्रकोप बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ. सवाल यह है कि करोड़ों रुपए की सीवरेज परियोजना के बावजूद शहर के कई क्षेत्रों में ऐसी ही स्थिति है. इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर लोग सवाल उठा रहे हैं.
यह बोले रहवासी…
कॉलोनी के बीच में यहां गटर का पानी भरा रहता है. हर एक दिन छोड़कर यहां समस्या बनी रहती है. क्षेत्रीय पार्षद द्वारा सफाई करवाई जाती है, लेकिन स्थाई निराकरण नहीं हो पा रहा.
– इनायतउल्ला खान अजहर
यहां हमेशा पानी भरा रहता है. बारिश में तो समस्या और बढ़ जाती है. इस चेंबर के अलावा दूसरे चैंबर से गंदगी बहती है. जिम्मेदारों को कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अभी तक हल नहीं निकला.
– उमर शेख
बिना बरसात के ही यहां चेंबर का पानी भरा रहता है. पास ही मस्जिद है, नमाजी लोग निकालते हैं. स्कूल जाने वाले बच्चे भी निकलते हैं, बड़ी परेशानी होती है. इसी रास्ते से आना-जाना मजबूरी है.
– साजिद खान
