
रतनगढ़:वन्यजीवों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से रतनगढ़ वन परिक्षेत्र में वन विभाग की टीम लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में रविवार, 20 सितंबर को ग्राम मुवादा में एक किसान के खेत में विशालकाय अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे रतनगढ़ के घने जंगल में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार ग्राम मुवादा निवासी भेरूशंकर पिता भंवरलाल माली के मूंगफली के खेत में करीब पांच फीट लंबा अजगर दिखाई दिया था। फसल के बीच अजगर को देखकर किसान और आसपास के ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वनपरिक्षेत्राधिकारी बापुलाल दायमा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने खेत का निरीक्षण कर अजगर को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की। फसल के बीच छिपे अजगर को पकडऩा चुनौतीपूर्ण था, लेकिन वनकर्मियों ने पूरी सावधानी बरतते हुए उसे बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया।
उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई
वन विभाग के अनुसार सूचना मिलने के बाद रेंजर बापुलाल दायमा ने वनमंडलाधिकारी एस.के. अटोदे एवं उपवनमंडलाधिकारी सरोज रोज से मार्गदर्शन लिया। इसके बाद टीम के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कार्रवाई की गई। अजगर को सुरक्षित पकडऩे के बाद उसे रतनगढ़ वन क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
वन विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने कहा कि समय पर टीम के पहुंचने से अजगर को सुरक्षित बचाया जा सका और किसी तरह की अप्रिय स्थिति भी नहीं बनी। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
रतनगढ़ वन क्षेत्र में लगातार सक्रिय है टीम
रतनगढ़ वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों से संबंधित सूचनाओं पर वन विभाग की टीम लगातार सक्रियता से कार्य कर रही है। विभाग का उद्देश्य वन्यजीवों को सुरक्षित रखते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करना है। खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीव दिखाई देने की स्थिति में ग्रामीणों से स्वयं कार्रवाई करने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की अपील भी की जाती है।
इस रेस्क्यू अभियान में रेंजर बापुलाल दायमा के साथ परिक्षेत्र सहायक (वनपाल) राजू कबाडिय़ा, नारदा बीट प्रभारी (कार्यवाहक वनपाल) तरुण बोरीवाल एवं वनरक्षक कालू सिंह निनामा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए अजगर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
वन विभाग की इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में वन्यजीव दिखाई देने पर समय पर वन विभाग की टीम का पहुंचना किसानों के लिए राहत की बात है। अजगर को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में विभाग की कार्रवाई को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है
