मंदसौर/नीमच। गांधीसागर अभयारण्य क्षेत्र में चीता परियोजना के विस्तार के तहत रविवार को चीता विमुक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इसके लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान से चीतों की टीम गांधीसागर क्षेत्र में पहुंच चुकी है। रामपुरा क्षेत्र के ग्राम बुज स्थित चीता परियोजना स्थल पर होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
हेलीकॉप्टर से नीमच पहुंचे मुख्यमंत्री
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन से हेलीकॉप्टर द्वारा नीमच पहुंचे। मुख्यमंत्री सीआरपीएफ नीमच स्थित हेलीपैड पर पहुंचने के बाद स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए। इसके पश्चात दोपहर में वे हेलीकॉप्टर से ग्राम बासी, रामपुरा स्थित डीबीएल हेलीपैड के लिए रवाना होंगे।
कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री करीब 2.35 बजे ग्राम बासी पहुंचेंगे। यहां से वे कार द्वारा ग्राम बुज, रामपुरा-गांधीसागर रोड स्थित चीता प्रोजेक्ट के गेट नंबर-4 पर पहुंचेंगे।
दोपहर 3 बजे चीता विमुक्तिकरण कार्यक्रम
रामपुरा क्षेत्र में दोपहर 3 से 3.30 बजे तक चीता परियोजना के अंतर्गत चीता विमुक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस कार्यक्रम में शामिल होकर चीता परियोजना से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। कूनो से चीतों के गांधीसागर क्षेत्र में पहुंचने के बाद अब उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत परियोजना क्षेत्र में विमुक्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
गांधीसागर क्षेत्र में चीता परियोजना के विस्तार के मद्देनजर यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। चीतों के संरक्षण, निगरानी और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के बाद भोपाल रवाना होंगे मुख्यमंत्री
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करीब 3.35 बजे ग्राम बासी स्थित डीबीएल हेलीपैड के लिए रवाना होंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से नीमच होते हुए भोपाल के स्टेट हैंगर के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री के शाम करीब 4.50 बजे भोपाल पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित है।
सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।
गांधीसागर क्षेत्र में चीता परियोजना के अंतर्गत आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण एवं क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीतों के संरक्षण और परियोजना के आगामी विस्तार को लेकर स्थानीय स्तर पर भी इस कार्यक्रम पर नजर बनी हुई है।
