युद्ध अभ्यास 2026 में भारतीय सेना के श्वानों ने दिखाया कौशल

नई दिल्ली, 20 सितम्बर (वार्ता) अमेरिका के साथ जारी ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में हिस्सा ले रहे भारतीय सेना के प्रशिक्षित श्वानों राइस, विक्टर, जैक और राउडी ने विशेष अभियानों में सैनिकों की मदद से जुड़ी अपनी क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया है।
अमेरिकी सेना के साथ पेशेवर आदान-प्रदान के तहत सैन्य श्वानों ने रूम-इंटरवेंशन और रैपलिंग जैसे अभ्यासों में हिस्सा लिया। इन अभ्यासों के दौरान अमेरिकी सेना के जवानों ने मुश्किल सामरिक परिस्थितियों में सैनिकों के साथ तालमेल में इन श्वानों के प्रशिक्षण, फुर्ती और करतबों को देखा।
राउडी और विक्टर रामपुर हाउंड नस्ल के हैं। यह भारत की स्वदेशी नस्ल है, जिसका इस्तेमाल भारतीय सेना में सैन्य भूमिकाओं के लिए बढ़ रहा है। जैक बेल्जियन मेलिनोइस और राइस लैब्राडोर रिट्रीवर है।
इन श्वानों को देश की उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर तैनाती का अनुभव भी है। रामपुर हाउंड ने इससे पहले मेघालय के उमरोई में अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय अभ्यास में अपनी क्षमता दिखाई थी। इसके बाद उन्हें मणिपुर सीमा पर तैनात किया गया, जहां उन्होंने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का पता लगाने में सफलता हासिल की।
इनके भाई-बहनों को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जालंधर और अमृतसर सेक्टर में भी तैनात किया गया था। इससे अलग-अलग इलाकों में इस कैनाइन लाइन की उपयोगिता, अनुकूलन क्षमता और भरोसेमंद काम करने की क्षमता सामने आई।
युद्ध अभ्यास 2026 में इनकी भागीदारी भारतीय सेना के श्वानों, खासकर स्वदेशी नस्लों की बढ़ती भूमिका और प्रशिक्षित श्वानों तथा उनके हैंडलरों के बीच बेहतर तालमेल को रेखांकित करती है।

.....

Next Post

वैज्ञानिकों ने 2026-27 में भारत को एक मज़बूत अल नीनो के संभावित ख़तरे की चेतावनी दी

Sun Sep 20 , 2026
नयी दिल्ली, 20 सितंबर (वार्ता) वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भारत को 2026-27 में संभावित रूप से तेज़ अल नीनो घटना से ज़्यादा जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव से देश में मानसूनी बारिश, लू, पानी की उपलब्धता और […]

You May Like