इस्लामाबाद / पेशावर, 19 सितंबर (वार्ता) पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक पुलिस परिसर स्थित मस्जिद को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती कार बम विस्फोट और गोलीबारी की घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में 15 पुलिसकर्मी और एक चार वर्षीय बच्चा शामिल हैं।
बीबीसी के अनुसार आतंकवादियों ने विस्फोटकों से भरी एक कार को ओल्ड पुलिस लाइन्स के प्रवेश द्वार और मस्जिद की बाहरी दीवार से टकरा दिया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद परिसर में घुसे कम से कम सात बंदूकधारियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। इस दौरान आतंकवादियों ने पास स्थित स्पेशल ब्रांच और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के भवनों को भी निशाना बनाने की कोशिश की।
विस्फोट इतना भीषण था कि मस्जिद का बाहरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, एक दीवार ढह गई और बाहर बड़ा गड्ढा बन गया। घटना के समय मस्जिद में भारी संख्या में पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक नमाज अदा कर रहे थे। राहत एवं बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल और सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया।
सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में हमले में शामिल सभी सात हमलावर मारे गए, जिनमें आत्मघाती हमलावर और निशानेबाज शामिल थे। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी ऑपरेशन चलाया। इस हमले की जिम्मेदारी ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन’ (हाफिज गुल बहादुर समूह से जुड़े संगठन) ने ली है, हालांकि रिपोर्टों में अन्य प्रतिबंधित गुटों का नाम भी सामने आ रहा है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस जघन्य हमले की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति जरदारी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए आतंकवाद का पूर्ण उन्मूलन अनिवार्य है। प्रधानमंत्री ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
