कोलकाता, (वार्ता) पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि उनके गुट को आवंटित चुनाव चिन्ह उसकी पहली पसंद का था, जबकि जो नाम उनको दिया गया वो उनकी तीसरी पसंद थी।
निर्वाचन आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “हमें वह चुनाव चिन्ह मिल गया है जो हमारी पहली पसंद था। लेकिन आवंटित नाम हमारी तीसरी पसंद है।”* उन्होंने बताया कि उनके गुट ने शुरुआत में पहली पसंद के रूप में “नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस” और दूसरी पसंद के रूप में “वेस्ट बंगाल तृणमूल कांग्रेस” नाम की मांग की थी, जबकि “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” उनकी तीसरी पसंद थी।
उन्होंने कहा, “आयोग ने हमें सूचित किया है कि कुछ कारणों से पहले दो नामों को स्वीकार नहीं किया जा सकता था। अब हमें तीसरा नाम डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस आवंटित किया गया है।” चुनाव चिन्ह पर बात करते हुए बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनके गुट ने ‘लिफाफा’ चिन्ह को अपनी पहली प्राथमिकता के रूप में रखा था और आयोग ने इसे मंजूरी दे दी।
निर्वाचन आयोग का यह फैसला आगामी उपचुनावों के लिए मूल “ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और उसके आरक्षित ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को स्थगित करने के आदेश के बाद आया है। यह नए नाम और प्रतीक केवल उपचुनावों के लिए एक अंतरिम व्यवस्था हैं।
इस बीच, ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ ने नंदीग्राम से अपनी उम्मीदवार संचिता प्रधान दे का नामांकन वापस ले लिया है। अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ का केवल रेजीनगर सीट के लिए उम्मीदवार शेष रह गया है और पार्टी अपने नए नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह के साथ रेजीनगर उपचुनाव लड़ने की तैयारी में है।
