
छिंदवाड़ा। कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में करीब 11 महीने से जेल में बंद छिंदवाड़ा के थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। शुक्रवार को जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आवेदन मंजूर कर लिया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक हाईकोर्ट के पोर्टल पर जमानत आदेश अपलोड नहीं हुआ था।
राजेश सोनी छिंदवाड़ा में फार्मा का कारोबार करते थे। कोल्ड्रिफ सिरप पीने के बाद बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने उन्हें केमिस्ट सौरभ जैन के साथ 13 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रिमांड पर लेकर न्यायालय में पेश किया गया था। इसके बाद से वे जेल में थे।
इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
पुलिस ने राजेश सोनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 276, 105 और 238 बी के साथ ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 27 ए के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस की जांच में जहरीले सिरप की सप्लाई और उससे जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर कार्रवाई की गई थी।
सिरप में मिला था 46 प्रतिशत डीईजी
मामले की जांच में श्रीसन कंपनी के एसआर-13 बैच के कोल्ड्रिफ सिरप में 46 प्रतिशत डायएथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) पाए जाने की बात सामने आई थी। इस सिरप को बच्चों की मौत से जोड़कर जांच की जा रही है। परासिया-छिंदवाड़ा क्षेत्र में इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
मामले में परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी, डॉ. एसएस ठाकुर, डॉ. अमन सिद्दीकी और दवा विक्रेता अनिल रसेला जेल में हैं। वहीं ज्योति सोनी और सौरभ जैन को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
कंपनी के संचालक भी जेल में
कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली श्रीसन कंपनी के संचालक रंगनाथन गोविंदन और कंपनी की केमिस्ट के. माहेश्वरी भी जेल में हैं। कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और केमिकल सप्लायर को जमानत मिल चुकी है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच में सिरप की सप्लाई चेन और आरोपितों की भूमिका की पड़ताल जारी है।
डॉ. ठाकुर की जमानत याचिका वापस
शुक्रवार को डॉ. एसएस ठाकुर की ओर से भी जमानत आवेदन लगाया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान उनके वरिष्ठ अधिवक्ता ने जमानत आवेदन वापस ले लिया। इससे पहले हाईकोर्ट डॉ. ठाकुर की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।
