
चितरंगी । चितरंगी वन परिक्षेत्र के ग्राम बगदरा कला में सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आज बुधवार की सुबह मौके पर कार्रवाई करते हुए काटी गई लकड़ी पकड़वाने का दावा किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से जंगल में पेड़ों की कटाई कराकर लकड़ी बाहर भेजी जा रही थी और इस पूरे मामले में वनकर्मियों की मिलीभगत रही है। जबकि वनपरिक्षेत्र अधिकारी ने उनके इस आरोपो को खारिज करते हुये ग्रामीणों पर ही आरोप मढ़ दिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक मौके पर बड़ी संख्या में सागौन के पेड़ काटे जाने के प्रमाण मिले हैं। उनका कहना है कि जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन कर्मचारियों पर है, उन्हीं की कथित मिलीभगत से यह गतिविधि संचालित होने की आशंका है। हालांकि इन आरोपों की विभागीय स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ जंगल के पुराने और वर्तमान फोटो-वीडियो रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित क्षेत्र में कितने पेड़ काटे गए और कितने समय से कटाई चल रही थी। साथ ही पकड़ी गई लकड़ी की भी जांच कर स्रोत और कटाई स्थल का सत्यापन कराने के साथ ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और जंगल की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
इनका कहना:-
बगदरा कला के वन भूमि पर कब्जा करने वालों के विरूद्ध पिछले दिनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। संभावना है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर ग्रामीणों ने ही 14 वर्ष से लगे प्लांटटेशन के करीब डेढ़ दर्जन सागौन के पेड़ों को आधी रात के समय काटा गया है। जांच कराई जा रही है।
रविशेखर सिंह
वनपरिक्षेत्राधिकारी, रेंज चितरंगी
