
इंदौर. सांवेर में बुधवार शाम जर्जर मकान तोड़ने के दौरान पास के मकान की पुरानी दीवार अचानक ढह गई. दीवार के मलबे की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हुए. इनमें चार को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया है. एक घायल का सांवेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है. हादसे के बाद पुलिस और नगर परिषद की टीम ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर रेस्क्यू किया.
हादसा ताशन चौराहे के पास शाम करीब 4 बजे हुआ. जिस मकान को तोड़ा जा रहा था, उसे स्थानीय लोग ‘नेताजी’ के नाम से जानते हैं. इसी से लगे पुराने मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे में रीना बाई उम्र 30 साल, सीमा बाई उम्र 33 साल, चंदा बाई उम्र 30 साल और सुशीला बाई (करीब 50) की मौत हुई है, चारों मजदूरी करने गई थीं. हादसे में 30 वर्षीय मंजू बाई, 45 वर्षीय सुंदर बाई, 25 वर्षीय सुनील और 26 वर्षीय दिलीप घायल हुए हैं. चारों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया. वहीं 30 वर्षीय संतोषी बाई का सांवेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है. हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने जर्जर मकान को लेकर नगर परिषद पर लापरवाही के आरोप लगाए. पुलिस ने भीड़ को हटाया और जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू कराया. शाम करीब 6.15 बजे तक मलबा साफ कर दिया. थाना प्रभारी लाखन सिंह राजपूत ने नव भारत को बताया कि जर्जर मकान तोड़ने के दौरान पास की पुरानी दीवार गिरने से हादसा हुआ है. हादसे में चार लोगों की मौत हुई है और पांच लोग घायल हुए हैं. चार घायलों को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया है. घटना की जांच की जा रही है और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है.
एक माह पहले गिरा था छज्जा…
स्थानीय लोगों ने नव भारत को बताया कि जिस मकान को तोड़ा जा रहा था, उसके छज्जे का हिस्सा करीब एक माह पहले गिर गया था. इसके बाद नगर परिषद को इसकी सूचना दी गई थी. मकान मालिक दिनेश जैन को मकान खाली करने का नोटिस दिए जाने की बात भी सामने आई है. दिनेश जैन परिवहन कारोबार से जुड़े हैं और जैन बस नाम से बस संचालन करते हैं.
