
ग्वालियर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर मध्य प्रदेश में “मद्य निषेध सप्ताह, 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। नशामुक्ति रैली, नुक्कड़ नाटक, ग्राम सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगेंगे, नशामुक्ति के लिए ऑनलाइन शपथ होगी, स्कूल-कॉलेज से लेकर महिला स्व-सहायता समूहों तक सहभागिता होगी।
मद्य निषेध सप्ताह के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, प्रतियोगिताएं, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ग्राम सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऑनलाइन शपथ सहित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मद्य निषेध सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य समाज में बढ़ती मद्यपान की प्रवृत्ति तथा नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों एवं दुष्परिणामों के प्रति युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों को जागरूक करना है। सप्ताह के दौरान स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों को “नशा न करेंगे, न करने देंगे” की शपथ भी दिलाई जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के आयुक्त केजी तिवारी ने सभी कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय संयुक्त एवं उप संचालकों को सप्ताह के आयोजन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रमों में विभाग से मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाओं, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, आध्यात्मिक संस्थाओं तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
2 अक्टूबर को सप्ताह के पहले दिन गांधी जयंती पर नशामुक्ति के लिए जन-जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा।
