जापान टाइम्स के अनुसार, देश में सौ वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 1963 में, जब देश ने बुजुर्गों के लिए ‘सामाजिक कल्याण अधिनियम’ लागू किया था, तब देशभर में सौ साल से अधिक उम्र वालों की संख्या सिर्फ 153 थी। यह आंकड़ा 1981 में 1,000, 1998 में 10,000 और 2012 में 50,000 को पार कर गया था। जापान की सबसे बुज़ुर्ग व्यक्ति फुयो किशिमोतो हैं, जो क्योटो शहर की निवासी हैं। उन्होंने पिछले दिसंबर में अपना 114वाँ जन्मदिन मनाया। अगस्त में यामातोकोरियामा, नारा प्रान्त की निवासी शिगेको कागावा के निधन के बाद वह जापान की सबसे बुज़ुर्ग जीवित व्यक्ति बनीं। कागावा की उम्र 115 वर्ष थी।
जापान के सबसे बुजुर्ग पुरुष कुमामोतो शहर के हिकारू कातो हैं, जो मई में 112 वर्ष के हुए।
जापानी नागरिक दुनिया में सबसे लंबा जीवन जीने वाले लोगों में शुमार हैं। यहां पुरुषों की औसत जीवन प्रत्याशा 81.35 वर्ष और महिलाओं की 87.33 वर्ष है, जो दुनिया में क्रमशः सातवें और पहले स्थान पर है। जापान का स्वास्थ्य मंत्रालय हर वर्ष एक सितंबर तक के जनगणना आंकड़ों के आधार पर 15 सितंबर को सौ वर्ष के लोगों की आधिकारिक संख्या की घोषणा करता है।

