
कराकस, 30 अगस्त (वार्ता) अमेरिका और वेनेजुएला के बीच एक बड़े तेल समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव आता दिखाई दे रहा है। वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा है कि अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता 25 साल तक लागू रहेगा और इसका मकसद देश के कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाकर 15 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा करना है।समझौते के तहत अमेरिका को वेनेजुएला के करीब 65 अरब बैरल तेल के अधिकार सौंपे जाने की बात कही गयी है।
रोड्रिगेज ने हालांकि जोर देकर कहा कि इससे वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों पर स्वामित्व और संप्रभुता नहीं खोएगा। राष्ट्रीय टेलीविजन पर दिये संबोधन में रोड्रिगेज ने समझौते को ‘ऐतिहासिक’ बताया। उनके मुताबिक, यह करार ओरिनोको ऑयल बेल्ट के आठ तेल क्षेत्रों के विकास को कवर करेगा। यह क्षेत्र वेनेजुएला के प्रमुख तेल उत्पादक इलाकों में शामिल है। सुश्री रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला का लक्ष्य इससे भी आगे जाने का है। उन्होंने शेवरॉन, रेप्सॉल, एनी, शेल और बीपी जैसी बड़ी ऊर्जा कंपनियों के साथ भविष्य में और समझौते करने की इच्छा जतायी और कहा कि उनका लक्ष्य वेनेजुएला को ‘ऊर्जा महाशक्ति’ बनाना है।
समझौते के आर्थिक पक्ष की जानकारी देते हुए सुश्री रोड्रिगेज ने कहा कि उत्पादित और बेचे गये हर बैरल तेल पर वेनेजुएला को करीब 19 डॉलर प्राप्त होंगे। समझौते में कम से कम 16 फीसदी रॉयल्टी और 34 फीसदी आयकर का प्रावधान है। उन्होंने अनुमान लगाया कि अगर तेल की कीमत औसतन 65 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो इस समझौते से वेनेजुएला को करीब 209.335 अरब डॉलर का राजस्व मिल सकता है। सुश्री रोड्रिगेज ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल उद्योग को दोबारा खड़ा करने के लिए पूंजी, तकनीक और संचालन संबंधी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा। वेनेजुएला का तेल उद्योग लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक संकट से बुरी तरह प्रभावित रहा है।
वेनेजुएला की सरकार ने इस समझौते में पारदर्शिता का वादा भी किया है। रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला के नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि कितना निवेश हो रहा है, कितना तेल निकाला जा रहा है, सरकार को कितना राजस्व मिल रहा है और तेल कंपनियों के लिए समझौते की शर्तें क्या हैं।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को ‘दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा तेल सौदा’ बताया है। श्री ट्रंप के मुताबिक, समझौते के तहत निजी अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला के प्रमाणित तेल भंडार के 65 अरब बैरल से ज्यादा पर बहुमत नियंत्रण मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते को निजी क्षेत्र के जरिये लागू किया जाएगा और इसके लिए अमेरिकी करदाताओं के पैसे की जरूरत नहीं पड़ेगी।
श्री ट्रंप ने यह भी दावा किया कि समझौता अमेरिका के मौजूदा तेल भंडार को दोगुने से ज्यादा करने में मदद कर सकता है और भविष्य में अमेरिकी नागरिकों के लिए पेट्रोल की कीमतों को ‘काफी कम’ करने में योगदान देगा। उन्होंने समझौते को अंतिम रूप देने में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और डेल्सी रोड्रिगेज की भूमिका की भी सराहना की। वहीं श्री रुबियो ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए ‘बड़ी जीत’ बताया। उन्होंने कहा कि इससे वेनेजुएला में लगभग 100 अरब डॉलर का निजी निवेश आ सकता है।
सुश्री रोड्रिगेज ने भी श्री ट्रंप और श्री रुबियो की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि समझौते में ‘दोनों पक्षों ने वही योगदान दिया, जो वे सबसे अच्छी तरह कर सकते हैं।’ यह समझौता अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में एक बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय तक दोनों देशों के बीच राजनीतिक टकराव के कारण वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध बने रहे, लेकिन जनवरी में अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को कैद कर लिया। वेनेजुएला में श्री ट्रंप की मंजूरी के साथ सुश्री रोड्रिगेज के सत्ता में आने से अब दोनों देश आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। वेनेजुएला के लिए यह समझौता उसके जर्जर तेल उद्योग को नया निवेश, आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता दिला सकता है। वहीं अमेरिका के लिए यह दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक के ऊर्जा संसाधनों तक बड़े पैमाने पर पहुंच का रास्ता खोल सकता है।
