
छिंदवाड़ा। जिले भर के पटवारियों ने फॉर्मर रजिस्ट्री के बाद स्वामित्व योजना में पटवारी को विक्रेता बनाकर कार्य कराए जाने का भी विरोध कर दिया है। जब तक पटवारी को विक्रेता के तौर पर स्वामित्व योजना में पंजीयन करने से नहीं हटाया जाता तब तक इस योजना का भी काम नहीं किया जाएगा। आज पटवारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एक के बाद एक लगातार आ रहे नए नए काम से पटवारियों को प्रताडि़त किया जा रहा है। जो काम उनके विभाग का नहीं है वह भी पटवारी तत्परता से पूरा कर दे रहे है।
लेकिन प्रदेश सरकार पटवारियों पर कार्य का बोझ लादने में पीछे नहीं है। बनिस्बत इसके पूरे देश में सबसे कम ग्रेड पे के साथ पटवारी काम कर रहे है। दूसरी ओर कैडर रिव्यू के लिए भी हड़ताल कर चुके पटवारियों कि नहीं सुनी जा रही है। अब स्वामित्व योजन में पट्टे को रजिस्ट्री करने का काम भी पटवारियों पर डाल रही है जबकि पटवारी को इसमें विक्रेता बनाया गया है। सवाल ये है कि जब संपत्ति में पटवारी का नाम ही नहीं है तो पटवारी पंजीयन नियमावली के तहत विक्रेता नहीं बन सकता। फिर प्रदेश सरकार पटवारी को कैसे विक्रेता बना सकती है। पटवारी पात्रता नहीं रखता है ऐसे में कानून के विपरीत जाकर कार्य करने पर पटवारी को ही बाद में अदालत के चक्कर काटने पड़ सकते है जिससे स्वामित्व पट्टे की रजिस्ट्री करने वाले पत्र ग्रामीण की सम्पत्ति पर विवाद होने की स्थिति में पटवारी ही प्रताडि़त होगा।
