
गुना। शहर की चौधरन कॉलोनी स्थित वर्धमान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला मरीज की सर्जरी को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। बांसखेड़ा निवासी मनीषा कोरी के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, संबंधित चिकित्सकों और सोनोग्राफी सेंटर की कार्यप्रणाली पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, मनीषा को सामान्य बीमारी के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। आरोप है कि परिजनों को छोटा लेजर आॅपरेशन करने की बात कहकर गुमराह किया गया, जबकि ओटी में 4-5 घंटे तक जटिल सर्जरी की गई। परिजनों का दावा है कि जो आॅपरेशन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में विशेषज्ञ टीम की निगरानी में होना चाहिए था, उसे एक अकेले डॉक्टर ने कर दिया। आरोप यह भी है कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की बात कहकर लेप्रोटोमी कर दी गई। स्थिति बिगड़ने पर आनन-फानन में मरीज को भोपाल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सोनोग्राफी सेंटर की रिपोर्ट पर संदेह
परिजनों ने सोनोग्राफी सेंटर की रिपोर्ट और इलाज से जुड़ी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर व वरिष्ठ अधिकारियों से अस्पताल प्रबंधन, मेडिकल रिकॉर्ड, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, क्रिटिकल केयर स्टाफ और रेफरल दस्तावेजों की जांच की मांग की है। मामले में शासकीय अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर पर प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर निजी अस्पताल में आॅपरेशन करने का भी आरोप लगा है। परिजनों ने दोषी डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त करने, मामला दर्ज करने और अस्पताल पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन को पूरे मामले को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
