भोपाल। सड़कों पर बढ़ते ई-रिक्शा अब परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं. बिना पर्मिट और रूट के चल रहे ई रिक्शा अब ऑटो चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहे हैं।
ऑटो चालकों का कहना है कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ा है, वहीं सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ रही है।
भोपाल में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर के कई इलाकों में ई-रिक्शा सड़क पर चलते, रुकते और सवारी उठाते नजर आते हैं। ऑटो चालकों का आरोप है कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या के कारण उन्हें पहले के मुकाबले कम सवारी मिल रही है और कमाई पर असर पड़ा है।
वहीं, ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ई-रिक्शा के लिए रूट तय किए गए हैं।
अगर कोई ई-रिक्शा निर्धारित रूट से बाहर चलता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
ई-रिक्शा को लेकर अब मामला सिर्फ भोपाल की सड़कों तक सीमित नहीं है।
हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन को राष्ट्रीय समस्या बताया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 60 दिनों के भीतर ई-रिक्शा संचालन के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस नीति में ई-रिक्शा की संख्या और उनके रूट को नियंत्रित करने की व्यवस्था शामिल होगी।
ऐसे में भोपाल में सवाल यही है कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या, ऑटो चालकों की कमाई और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के बीच संतुलन कैसे बनेगा?
