गुना: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यालय में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो शिक्षकों के बीच अनुपस्थिति लगाने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि दफ्तर के अंदर ही हाथापाई और मारपीट शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक चले इस भारी हंगामे के दौरान मौके पर लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची कैंट पुलिस की समझाइश और माफीनामे के बाद मामला शांत कराया जा सका।
मिली जानकारी के अनुसार, गुना जिले के खेतीखता कन्या छात्रावास में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक वीरेंद्र विमल अपनी तीन पहिया स्कूटी सीधे आदिम जाति कल्याण विभाग के दफ्तर के अंदर लेकर पहुंच गए। वे इस बात से आक्रोशित थे कि विभाग में अटैच शिक्षक मंगल सिंह शर्मा ने उनकी बेवजह अनुपस्थिति लगा दी है। वहीं दूसरी ओर, मंगल सिंह शर्मा का कहना था कि अधिकारियों द्वारा छात्रावास का निरीक्षण करने के दौरान वीरेंद्र विमल अनुपस्थित पाए गए थे और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ही उनकी अनुपस्थिति दर्ज की थी।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते गाली-गलौंच के बाद जमकर हाथापाई होने लगी। इस दौरान दिव्यांग शिक्षक वीरेंद्र विमल ने अपनी बैसाखी से मंगल सिंह पर वार करना शुरू कर दिया, जिससे मंगल सिंह को मामूली चोटें भी आईं।
कलेक्ट्रेट में तैनात सुरक्षाकर्मी काफी देर तक दोनों के बीच-बचाव का प्रयास करते रहे, लेकिन जब विवाद शांत नहीं हुआ तो कैंट पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया। इसके बाद छात्रावास अधीक्षक और प्राथमिक शिक्षक वीरेंद्र विमल ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली, तब जाकर यह पूरा विवाद समाप्त हुआ।
