पेशावर, पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मी के बीच इस्लामाबाद की एक एंटी-टेररिज्म कोर्ट के जज अबुल हसनत मुहम्मद जुल्करनैन ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल अफरीदी और पीटीआई के 24 अन्य सांसदों के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक करने का कड़ा निर्देश फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को दिया है। इस कार्रवाई की जद में पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर, शाहराम खान तराकई समेत कई प्रमुख नेता आए हैं, जिन पर सरकारी संस्थाओं पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर मामलों में जांच से बचने के लिए देश छोड़कर भागने की आशंका जताई गई है।
पीटीआई के 27 सितंबर के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन से पहले बढ़ी हलचल, पंजाब पुलिस पर सीएम अफरीदी ने लगाए गंभीर आरोप
यह न्यायिक फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आगामी 27 सितंबर को देशव्यापी प्रोटेस्ट का ऐलान किया है, जिसके लिए समर्थन जुटा रहे सीएम सोहेल अफरीदी ने सोमवार को पंजाब पुलिस पर उन्हें किडनैप करने, हमला करने और सड़क किनारे छोड़ने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। एक राज्य के मुख्यमंत्री के साथ दूसरे राज्य की पुलिस के इस कथित दुर्व्यवहार को अफरीदी ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए पंजाब सरकार से कड़ा जवाब तलब किया है, जिससे केंद्र और पीटीआई के बीच राजनीतिक टकराव और गहरा हो गया है।
कानूनी शिकंजा और राजनीतिक विरोध के बीच लगातार तीखा होता टकराव, जांच में शामिल न होने से बढ़ी मुश्किलें
अदलती दस्तावेजों के मुताबिक, आरोपी सांसद न तो कोर्ट में पेश हुए और न ही अंतरिम जमानत के बावजूद जांच एजेंसियों के सामने पेश हुए, जिसके चलते पुलिस की अर्जी पर यह सख्त कदम उठाया गया है। पिछले कुछ महीनों से केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार राजनीतिक आंदोलन चला रहे पीटीआई नेताओं और समर्थकों पर हिंसा व विरोध प्रदर्शन के मामलों का शिकंजा कसता जा रहा है, जिससे पाकिस्तान का राजनीतिक माहौल बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण बना हुआ है।

