सिंगरौली : जिला मुख्यालय बैढ़न के वार्ड क्रमांक 41 गनियारी के चौराटोला में बिजली व्यवस्था पिछले करीब पांच वर्षों से बांस-बल्ली के सहारे चल रही है। घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए लगाए गए अस्थायी सहारे अब हादसे को न्योता दे रहे हैं।वार्डवासियों का कहना है कि कई बार पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ। स्थिति यह है कि तेज हवा या तूफान आते ही बांस-बल्ली के टूटकर गिरने का खतरा बना रहता है। खासकर भैंस और अन्य मवेशी रास्ते से निकलते समय इन बांस-बल्ली से टकराते हैं, जिससे बिजली के तारों के साथ पूरा अस्थायी ढांचा हिल जाता है। महीने में कई बार ऐसी स्थिति बनने से स्थानीय लोगों में हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पॉच साल से चल रही ऐसी व्यवस्था
जिला मुख्यालय के वार्ड में पांच साल से बिजली लाइन को स्थायी खंभों का इंतजार होना नगर निगम और बिजली व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि जब बैढ़न जैसे जिला मुख्यालय में बिजली पहुंचाने के लिए बांस-बल्ली का सहारा लेना पड़ रहा है तो दूरदराज के गांवों और टोलों की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। पिछले दिनों गन्नई ग्राम पंचायत के गजरहिया में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम में भी बिजली विहीन टोलों का मुद्दा जोरशोर से उठा था। एक ओर बिजली से वंचित बस्तियां हैं, दूसरी ओर आबाद मोहल्लों में असुरक्षित ढंग से बिजली पहुंचाई जा रही है। ऐसे में सवाल है कि जिम्मेदार विभाग स्थायी बिजली व्यवस्था कब सुनिश्चित करेगा।
