इंदौर: सोमवार को राजवाड़ा पर लोक संस्कृति मंच द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया. हरतालिका तीज पर महिलाओं ने भगवान शिव की भक्ति में लीन रह कर उपवास करके सुबह से ही पूजा मैं मन लगाया और रात भर रतजगा करते हुए भजनों के साथ नृत्य करके भोले शंकर को मनाया यह सब हो रहा था इंदौर के राजवाड़ा पर.
ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव ने पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर विवाह की सहमति दी थी. इस दिन महिलाएं भगवान शिव पार्वती को 16 श्रृंगार की वस्तुएं अर्पण करती है साथ ही हरे रंग की साड़ियां चूड़ियां पहनकर श्रृंगार करके मेहंदी लगाकर रात भर जाकर भगवान की आराधना करती है और सुबह ब्रह्म मुहूर्त में व्रत खोलती है.
शहर की ह्रदय स्थली राजवाड़ा पर हरतालिका तीज पर देश की सबसे बड़ी भजन संध्या का आयोजन किया गया. इसमें भजन गायक गन्नू महाराज में भजनों के माध्यम से शिव आराधना प्रस्तुत की. महिलाओं ने शिव पार्वती की आराधना की और अपने पति एवं परिवार की लंबी उम्र की कामना की.गन्नू महाराज ने अपने चिर परिचित अंदाज में भोले की आराधना में भजनों की प्रस्तुतियां दी उन्होंने मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी, मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, बगड़ बम लहरी जैसे भजन की सु मधुर भजनों की धारा बहा कर हजारों हजार संख्या में आई महिलाओं को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया. कुंवारी कन्याओं ने भी व्रत रखकर एवं निर्जला रहकर अच्छे वर की कामना की. साथ ही श्रृंगार करके आई महिलाओं ने पल्लो लटके रे पर भी नृत्य किया
