भोपाल: नगरीय प्रशासन आयुक्त कार्यालय में अमृत मिशन की योजनाओं को लेकर आयुक्त और संबंधित ठेकेदारों के बीच बैठक हुई. यह बैठक सीवेज के कार्यों में हो रही देरी को लेकर की गई. बैठक में ठेकेदारों का पक्ष सुना गया. उसके बाद आयुक्त संकेत भोंडवे ने काम की धीमी गति और अनुबंध की शर्तों के पालन में लापरवाही पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए भोपाल समेत चार शहरों की पांच निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है.
भोपाल की दो कंपनियों पर कार्रवाई
भोपाल में अमृत 2.0 की सीवरेज परियोजना के पैकेज-2 के लिए मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और पैकेज-3 के लिए मेसर्स एल.सी. इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है. देवास की सीवरेज परियोजना में मेसर्स दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, सतना की अमृत 1.0 परियोजना में मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और पीथमपुर की अमृत 2.0 परियोजना में मेसर्स आर. एंड बी. इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
निविदाओं और बोलियों पर रहेगी रोक
ब्लैकलिस्ट की अवधि में संबंधित कंपनियां नगरीय प्रशासन विभाग और उसके अधीन आने वाले नगरीय निकायों की नई निविदाओं और बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी. विभाग ने संबंधित निकायों को अधूरे काम बिना बाधा के नियमानुसार पूरा कराने के निर्देश दिए हैं.
जनहित के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं
आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि अमृत मिशन की परियोजनाएं सीधे आम लोगों से जुड़ी हैं. निर्धारित समय के अनुसार काम नहीं होना, अनुबंध की शर्तों का पालन न करना और अनावश्यक देरी गंभीर लापरवाही है. उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और जरूरत पडऩे पर आगे भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
