
इंदौर। एम जी एम मेडिकल कॉलेज इंदौर से संबद्ध चिकित्सकों ने मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन एमटीए के आव्हान पर एम वाय हॉस्पिटल के मुख्य द्वार पर पेन डाउन विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन कॉलेज प्रशासन द्वारा एमटीए के अध्यक्ष डॉ. राहुल रोकड़े सहित चार वरिष्ठ चिकित्सकों का वेतन पिछले दो माह मार्च एवं अप्रैल 2026 से बिना किसी आदेश और सूचना के रोके जाने के विरोध में किया गया.
प्रदर्शन में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, एमवाय अस्पताल, मानसिक चिकित्सालय, चाचा नेहरू अस्पताल, एमटीएच अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और एमआरटीबी अस्पताल के 100 से अधिक वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हुए. चिकित्सकों ने नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. एमटीए सचिव डॉ. अशोक ठाकुर ने बताया कि बिना किसी वैध आदेश के चार चिकित्सकों का वेतन रोका जाना गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में 23 अप्रैल, 5 मई और 9 मई 2026 को आयोजित कार्यक्रमों के दौरान डीन से मौखिक चर्चा की गई थी, वहीं 8 मई और 12 मई को लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन इसके बावजूद वेतन जारी नहीं किया गया. एमटीए अध्यक्ष डॉ. राहुल रोकड़े ने कहा कि वेतन कर्मचारी का मौलिक अधिकार है और बिना किसी आधार या सूचना के वेतन रोकना अधिकारों का उल्लंघन है. उन्होंने इसे मनमाना निर्णय बताते हुए तत्काल भुगतान की मांग की. डॉ. अशोक ठाकुर ने कहा कि यह केवल वेतन का मामला नहीं बल्कि चिकित्सकों के सम्मान और अधिकार से जुड़ा विषय है. उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारी या कर्मचारी की पहचान कर कार्रवाई की जाए.
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान अस्पताल की ओपीडी सेवाएं, नियमित कार्य और शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहीं, जबकि आपातकालीन सेवाएं पूर्ववत जारी रखी गईं. एमटीए ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चारों चिकित्सकों का वेतन जारी नहीं किया गया तो राज्य इकाई के सहयोग से प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा.
