ब्रिक्स की सफलता नहीं पचा पा रहे राहुल-कांग्रेस, भाजपा ने कहा-‘नाराज फूफा’ जैसा व्यवहार

नयी दिल्ली, 14 सितंबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रात्रिभोज और उसके मेन्यू को लेकर टिप्पणी कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की हताशा को दर्शाता है और उनका ये रवैया ‘नाराज फूफा’ जैसा है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में हाल में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन को बदलती विश्व व्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर देश के एक सकारात्मक और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरने का शानदार उदाहरण बताया और कहा कि आपसी मतभेदों के बावजूद सऊदी अरब और ईरान समेत विभिन्न देशों द्वारा दिल्ली घोषणा को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना, आतंकवाद को धर्म से जोड़ने के खिलाफ स्पष्ट रुख और पुलवामा आतंकवादी हमले का स्पष्ट उल्लेख तथा इस पर चीन की सहमति भारत के शानदार कूटनीतिक कौशल को दर्शाती है।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि यह कूटनीतिक कौशल का शानदार उदाहरण है और यह ऐसी उपलब्धि है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।”

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और श्री गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत की इतनी महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता के बावजूद कांग्रेस द्वारा केवल भोजन और रात्रिभोज के मेन्यू पर टिप्पणी करना न केवल हास्यास्पद और शर्मनाक है, बल्कि इससे कांग्रेस का रवैया ‘नाराज फूफा’ जैसा साबित होता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “यह न केवल हास्यास्पद और खेदजनक है, बल्कि ऐसा लगता है जैसे किसी शादी में ‘नाराज फूफा’ हो। इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच के कूटनीतिक, रणनीतिक या आर्थिक पहलुओं पर टिप्पणी करने के बजाय उन्होंने भोजन पर टिप्पणी करना चुना।” उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस ब्रिक्स सम्मेलन के संबंध में कोई ठोस आलोचना या टिप्पणी करने में सक्षम नहीं है।

उन्होंने कहा, “इसलिए मैं कहूंगा कि ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता से हताशा में की गयी कांग्रेस की यह टिप्पणी उसकी अपनी अक्षमता की स्वीकारोक्ति है।”

श्री त्रिवेदी ने श्री गांधी और कांग्रेस पर विद्यार्थियों के हितों के पैरोकार बनने का दिखावा करने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ दिन पहले झारखंड में राज्य सरकार द्वारा आयोजित एक भर्ती परीक्षा में अनियमितताएं सामने आयी थीं। अब उत्तराखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी के परिसरों से बरामद धन और संपत्ति का मामला अलग है लेकिन गंभीर बात यह है कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) की भर्ती प्रक्रिया के दौरान ओएमआर शीट को सुरक्षित स्थान से बाहर ले जाया गया और रिश्वत लेने के बाद खाली ओएमआर शीट भरकर भर्ती प्रक्रिया में घोटाला किये जाने के तथ्य सामने आये हैं।

 

 

 

Next Post

राजस्थान स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे विकास, सुशासन, जनकल्याण- पारदर्शी प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास की मजबूत अभिव्यक्ति: राजनाथ

Mon Sep 14 , 2026
नयी दिल्ली 14 सितंबर (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकास, सुशासन, जनकल्याण और पारदर्शी प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास की मजबूत अभिव्यक्ति करार […]

You May Like