केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मातृभाषा को प्राथमिकता देना उनकी सरकार की मुख्य नीति है

मुंबई, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि मातृभाषा को प्राथमिकता देना सरकार की शीर्ष नीति है और यह किसी भी बड़े विवाद की वजह नहीं बनेगी। ईटीवी भारत के रिपोर्टर के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोग जानबूझकर इस पर विवाद भड़काने का प्रयास करते हैं, लेकिन विभिन्न राज्यों के पास मौजूद अनुभवी नेतृत्व इन मामलों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने में पूरी तरह सक्षम है।

2014 से देश ने भ्रष्टाचार और परिवारवाद से मुक्ति पाकर हासिल की अभूतपूर्व प्रगति, गिनाईं जनकल्याणकारी योजनाएं

देश की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, परिवारवाद और जातिवाद की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इन सभी चुनौतियों से पार पाकर उल्लेखनीय प्रगति की है। इस दौरान 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है, 16 करोड़ लोगों को पक्के मकान और किसानों को ‘कृषि सम्मान योजना’ का लाभ मिला है, जबकि ‘उज्ज्वला योजना’ के जरिए करोड़ों महिलाओं को गैस कनेक्शन और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है।

पीएम मोदी के 25 साल के कार्यकाल पूरे होने पर 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, ‘जेन ज़ेड’ प्रदर्शनों पर रखी बात

अमित शाह ने जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक के रूप में लगातार 25 वर्षों तक सरकार के प्रमुख के तौर पर सफलतापूर्वक कार्य करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। इस खास अवसर पर भाजपा आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देश भर में एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत करेगी। इसके अलावा, ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) के विरोध-प्रदर्शनों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र और असहमति का पूरा सम्मान करती है, और उनकी मानसिकता आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस की तरह बिल्कुल नहीं है।

Next Post

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने निजी सहायक पर लगे आरोपों के बाद कांग्रेस पार्टी के दो पदों से इस्तीफा देने जा रहे हैं

Mon Sep 14 , 2026
देहरादून, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत अपने निजी सहायक (PA) चंदन सिंह जीना के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद गहरे आहत हैं। साल 2016 के UKSSSC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा […]

You May Like