
जबलपुर। गौ तस्करी व मॉब लिंचिंग के बहुचर्चित मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद महिला जज को इंटरनेट मीडिया पर मिली धमकियों के मामले में एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हाईकोर्ट जस्टिस आनंद पाठक तथा जस्टिस बी पी शर्मा की युगलपीठ के समक्ष पुलिस महानिदेशक व अतिरिक्त मुख्य सचिव का हलफनामा पेश करते हुए उक्त जानकारी पेश की गयी।
प्रदेश में जज तथा न्यायालय परिसर की सुरक्षा को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट के द्वारा मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप की जा रही है। पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने सिवनी मालवा में पदस्थ महिला जज तबस्सुम खान द्वारा गोवंश तस्करी व मॉब लिंचिंग के मामले में 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किये जाने के बाद इंटरनेट के माध्यम से मिल रही धमकियों को गंभीरता से लिया। युगलपीठ को बताया गया कि नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक की तरफ से श्रीमती तबस्सुम खान अतिरिक्त न्यायाधीश सिवनी मालवा को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की गयी है।
युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि नर्मदापुरम में हमारे न्यायिक अधिकारी के लिए डर का माहौल बना दिया है। ऐसी गतिविधियां सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता और हमारे न्यायिक अधिकारियों के निडर होकर काम करने में बाधा डालती हैं। ऐसी गतिविधियां सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता और हमारे न्यायिक अधिकारियों के निडर होकर काम करने में बाधा डालती हैं। युगलपीठ ने उपद्रवियों के खिलाफ की गयी कार्यवाही के संबंध में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक व अतिरिक्त मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने के आदेश जारी किये थे।
याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों अधिकारियों के हलफनामा पेश करते हुए बताया गया कि महिला जज को इंटरनेट में धमकी देने के मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा दतिया में जज के साथ हुई घटना के संबंध में आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया गया है। कटनी व बैतूल में जज के साथ हुई घटना के संबंध में आवश्यक कार्यवाही जारी है।
